जरूरी नहीं सर्दी-खांसी हो कोरोना के लक्षण - दा त्रिकाल

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Saturday, December 30, 2023

जरूरी नहीं सर्दी-खांसी हो कोरोना के लक्षण

भारत में कई राज्यों में फैला वायरस 

कोरोना के नए जेएन-1 वैरिएंट के कारण वैश्विक स्तर पर संक्रमण का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन, सिंगापुर, अमेरिका सहित कई देशों में संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही हैं। अमेरिका में मौजूदा समय में कोरोना के आधे से अधिक मामलों के लिए जेएन-1 वैरिएंट को ही मुख्य कारण माना जा रहा है। यहां एक महीने के भीतर संक्रमण का प्रसार काफी तेज हुआ है।

भारत में भी ये नया वैरिएंट संक्रामकता बढ़ाते हुए देखा जा रहा है। गोवा, केरल, कर्नाटक सहित कई राज्यों में इस नए वैरिएंट से संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। देश में पिछले एक हफ्ते से दैनिक मामले भी औसतन 500 दर्ज किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना की रफ्तार अभी भी नियंत्रित है, हालांकि नए साल की पार्टियों-जश्न के दौरान इससे होने वाली भीड़ से संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है, जिसे लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है। ये नया वैरिएंट अति संक्रामक हो सकता है और आसानी से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को चकमा देने में सफल हो रहा है, ऐसे में किसी को भी इससे सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।

नए वैरिएंट के अब तक 162 मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 743 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इंडियन सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जीनोमिक्स के मुताबिक भारत में कोविड के जेएन 1 वैरिएंट के अब तक 162 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, सबसे ज्यादा केस केरल और गुजरात में हैं। शुक्रवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, केरल में सबसे अधिक 83 मामले सामने आए हैं, इसके बाद गुजरात में 34 मामले दर्ज किए गए हैं।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा मामले-
कई राज्य पिछले कुछ हफ्तों में कोविड मामलों की संख्या में वृद्धि की रिपोर्ट कर रहे हैं। 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अब तक छ्वहृ.1 के मामलों की पुष्टि की है। केरल (83), गुजरात (34), गोवा (18), कर्नाटक (आठ), महाराष्ट्र (सात), राजस्थान (पांच), तमिलनाडु (चार), तेलंगाना (दो) और दिल्ली (एक) में इस नए वैरिएंट के केस सामने आए हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि ज्यादातर लोगों में हल्के-मध्यम स्तर के लक्षण देखे जा रहे हैं और वे आसानी से घर पर ठीक भी हो जा रहे हैं।

सर्दी-खांसी होते ही न घबराएं-
डॉक्टरों का कहना है कि, नए वैरिएंट के साथ न सिर्फ संक्रमण बल्कि एक बार फिर से लोगों में कोरोना का डर बढ़ रहा है। हालांकि यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि ये मौसम सामान्य सर्दी-फ्लू वाला है। जिसका मतलब है कि हर बार बुखार, सर्दी-खांसी होने का ये मतलब नहीं है कि आप भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वैसे तो सर्दी-फ्लू और कोरोना के लक्षण लगभग एक जैसे ही हैं फिर भी कुछ अंतर हैं जिनपर ध्यान देना जरूरी है।

ऐसे करें लक्षणों में अंतर-
श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ एम. विक्रमजीत बताते हैं, जब तक आप परीक्षण नहीं कराते तब तक कोरोना और सामान्य सर्दी जुकाम के लक्षणों के बीच अंतर कर पाना कठिन हो सकता है। हमें पिछले तीन महीनों से फ्लू के मामले मिल रहे हैं लेकिन परीक्षण के बिना हम नहीं जानते कि उनमें कोविड के मामले थे या नहीं। कोरोना के अधिकतर संक्रमितों में ऊपरी श्वसन तंत्र की समस्या के साथ बुखार,थकान, छींकने-गले में खराश और खांसी की दिक्कत हो रही है। अब तक के अध्ययनों से इतना कहा जा सकता है कि यदि किसी व्यक्ति को कोविड-19 है, तो संक्रमण के समय से लेकर लक्षणों का अनुभव होने में फ्लू की तुलना में अधिक समय लग सकता है। अगर सामान्य उपचार से 4-5 दिनों के भीतर सामान्य उपचार से लक्षणों में आराम नहीं मिल रहा है तो ही कोविड टेस्ट के लिए जाएं। शुरुआत में पैरासिटामोल दवा के साथ आराम करें और तरल-पौष्टिक चीजों का सेवन करें। ज्यादातर लोगों को इससे आराम मिल जाता है।

जम्मू में मिला कोरोना का पहला मरीज




जम्मू में कोरोना का पहला मामला सामने आया है। पीड़ित को होम आइसोलेशन में रखा गया है। जीएमसी के प्राचार्य डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नया वैरिएंट तो नहीं है। पीड़ित की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, लेकिन वह विदेश से लौटे कुछ लोगों के संपर्क में कुछ दिन पहले आया था। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित के संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाना शुरू कर दिया है। इससे पहले गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने आरटी-पीसीआर परीक्षण की समीक्षा की। उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी विभाग में परीक्षण प्रयोगशाला का दौरा किया। इस दौरान कर्मचारियों से बातचीत की। इसके साथ बीएएल-3 लैब परिसर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इंजीनियरों को शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया जीएमसी और एसएमजीएस में आरटी-पीसीआर का परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही नमूने एकत्रित किए जा रहे हैं।

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