
जबलपुर का मामला, खोज में जुटा अमला, फिर दहशत बढ़ा रहा वायरस
सर्दी-खांसी जैसे लक्षणों के आधार पर जब नार्वे से आई एक बुजुर्ग महिला की जांच की गयी तो पता चला कि वो कोरोना पॉजीटिव है। स्वास्थ्य विभाग तत्काल हरकत में आया और महिला के बताए पते पर पहुंचा,लेकिन महिला वहां नहीं मिली और अब चिकित्सा अधिकारी महिला की खोजबीन में जुटे हुये हैं। डर ये है कि महिला जिन लोगों के संपर्क में होगी, उनका क्या होगा। उल्लेखनीय है कि 69 वर्षीय वृद्धा ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच कराई थी। लक्षण के आधार पर चिकित्सकों ने कोरोना जांच की सलाह दी। मेडिकल के वायरोलाजी लैब में सैंपल की जांच कराई गई जिसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट जारी होने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी हरकत में आए और महिला की तलाश शुरू की। महिला ने जो मोबाइल नंबर दिया था उस पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। बच्चों में चीनी इंफ्लुएंजा के खतरे के साथ कोरोना के नए वेरिएंट ने चिंता में डाल दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजय मिश्रा ने जिले के सभी शासकीय व निजी अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं कि कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की सूचना बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। मेेडिकल कालेज अस्पताल के पेईंग वार्ड को पुन: कोविड वार्ड में तब्दील किया गया है। कोरोना के मरीजों को फिलहाल पेईंग वार्ड में भर्ती करने की तैयारी की गई है। मेडिकल के अधीक्षक डा. अरविंद शर्मा ने बताया कि पेईंग वार्ड को कोरोना मरीजों के उपचार के लिए तैयार किया गया है। आवश्यक होने पर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाएगा। अस्पताल में ऑक्सीजन, उपचार में उपयोगी दवा व अन्य जरूरी संसाधन मौजूद हैं।
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