पुलिस ने ईमानदारी दिखाई होती तो शायद जिंदा होती वेदिका - दा त्रिकाल

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Saturday, December 16, 2023

पुलिस ने ईमानदारी दिखाई होती तो शायद जिंदा होती वेदिका


हाईकोर्ट की गंभीर टिप्पणी, पुलिस और अस्पताल संचालकों की भूमिका कटघरे में, युवती की हत्या के आरोपी प्रियांश को जमानत देने से इंकार

जबलपुर।

मप्र उच्च न्यायालय ने वेदिका हत्याकांड की सुनवाई के दौरान पुलिस पर गंभीर टिप्पणी करते हुये कहा कि यदि पुलिस अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी सही ढंग से निभायी होती तो वेदिका जिंदा होती। कोर्ट ने कहा है कि उन अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए, जो घायल युवती को अस्पताल-दर-अस्पताल घुमाते रहे,लेकिन वक्त पर इलाज मुहैया नहीं करा पाए। कोर्ट ने अस्पताल संचालकों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने वेदिका की हत्या के आरोपी प्रियांश विश्वकर्मा को जमानत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने जबलपुर रेंज के आईजी,डीआईजी और एसपी को अपने अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने कहा है।

-वकीलों ने दी दलील
बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की तरफ से अधिवक्ता अनिल खरे ने हाईकोर्ट के सामने दलील दी कि वेदिका ने मरने से पहले अपने बयान में कहा था कि जिस बंदूक से उस पर गोली चली वह खराब थी। बंदूक को लोड करते समय मिसफायर हुआ और गोली वेदिका को लग गई। प्रियांश के वकील ने कोर्ट से भी यह भी कहा कि उसका इरादा वेदिका की हत्या करने का नहीं था। प्रियांश स्वयं घटना के बाद घायल वेदिका का इलाज कराने उसे अस्पताल ले गया और उसके परिजनों को सूचना दी। वेदिका की ओर से पेश हुए अधिवक्ता मनीष दत्त ने कोर्ट को बताया कि वेदिका ने अपने बयान पर यह भी बताया था कि प्रियांश ने ही बंदूक में कारतूस डाले थे और फिर फायर किया था। घटनास्थल भाजपा नेता प्रियांश का कार्यालय ही है, जहां चार कारतूस भी मिले हंै। यह बताता है कि आरोपी ने वेदिका की हत्या करने की नीयत से ही सब कुछ किया था। अभिषेक झारिया ने भी अपनी गवाही में कहा था कि घटना से पहले प्रियांश और वेदिका के बीच विवाद हुआ था।

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