जबलपुर के धान घोटाले में सिर्फ प्यादों की बलि - दा त्रिकाल

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Thursday, December 28, 2023

जबलपुर के धान घोटाले में सिर्फ प्यादों की बलि

बड़े अफसरों पर क्यों नहीं कसा जा रहा शिकंजा, लेन-देन राज भी जल्दी होंगे उजागर

करोड़ों के घोटाले में जांच दल सिफारिश पर अब तक जिन पर सस्पेंशन की कार्रवाई हुई है, वो सिर्फ प्यादे हैं। पता नहीं क्यों कार्रवाई की जद से उन ऊंचे ओहदे वाले अफसरों को दूर रखा गया है,जिनके इशारे के बिना कुछ नहीं होता। क्या ये शर्मनाक नहीं है कि कलेक्टर और उनकी अपर कलेक्टरों की टीम के होते हुये जिले में करोड़ों का धान घोटाला हो गया और वे बेखबर रहे। सवाल उठाए जा रहे हैं कि बड़ी-बड़ी कुर्सियों पर अव्वल दर्जे की सरकारी सुविधाएं भोगने वाले अधिकारियों ने इस घोटाले की शुरुआती जानकारी लगते ही एक्शन क्यों नहीं लिया। विभिन्न माध्यमों से लगातार पता चल रहा था कि धान खरीदी की स्थिति क्या है और वेयरहाउस वाले क्या कर रहे हैं।

-अब कुछ होगा क्या
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी रहेगी,लेकिन ऐसा नहीं लगता कि बड़े अफसरों पर शिकंजा कसा जाएगा। यदि संभव होता तो ये पहले ही हो जाता। दरअसल, जांच दल के सदस्य और विभाग में बैठे अधिकारी ही इतनी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं

कि वे अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर सकें। जांच दल को सीधे कलेक्टर कार्यालय से पूछना चाहिए था कि सारे साधन-संसाधन होने के बावजून नाक के नीचे इतना बड़ा घोटाला कैसे हुआ। सूत्रों का दावा है कि बिना बड़े अधिकारियों की सहमति के छोटे अफसर और वेयरहाउस के मालिक इतना दुस्साहस नहीं कर सकते कि गोदामों में सीधे धान भरना शुरु कर दें।

-अब तक कितने निलंबित
भोपाल से जबलपुर आई जांच टीम ने विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपी और इसके बाद एक के बाद एक अधिकारियों के निलंबन का सिलसिला शुरू हो गया। अब तक फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर को निलंबित करने के बाद जिला विपणन अधिकारी रोहित सिंह बघेल समेत चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है।

एमपी वेयरहाउस कॉरपोरेशन के रीजनल मैनेजर डीके हवलदार, सिहोरा ब्रांच मैनेजर वीके पाठक,पाटन ब्रांच मैनेजर आनंद पांडे,शहपुरा ब्रांच मैनेजर रितिक सिनाठिया एवं रिछाई ब्रांच मैनेजर एसके उपाध्याय शामिल हैं।

धान खरीदी में कलेक्टर की भूमिका संदिग्ध-
धान खरीदी घोटाले में अब भारतीय किसान संघ ने मोर्चा संभाल लिया है। संघ ने कहा है कि इस घोटाले में जबलपुर कलेक्टर की भूमिका संदिग्ध है इसलिए मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए। संघ ने कहा है कि यदि अगले दो दिनों में किसानों को राहत नहीं मिली तो तहसील स्तर पर घेराव व धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेता राघवेंद्र पटेल ने कहा कि ख़रीदी केंद्रों में किसानों से होने वाली कमीशनखोरी के बारे में जिला प्रशासन को कई बार बताया गया,लेकिन सदैव अनदेखी की गई, ये घोटाला उसी लापरवाही का नतीजा है। श्री पटैल ने कहा कि सालों से खरीदी में जुटे अधिकारियों की सम्पत्तियों की भी जांच होनी चाहिए ताकि हकीकत उजागर हो सके। आरोपित है कि विपणन विभाग, सहकारिता विभाग व जिला आपूर्ति विभाग मिलकर किसानों को लूटते आ रहे हैं।

सयुंक्त कलेक्टर नदीमा को जिला आपूर्ति नियंत्रक का प्रभार-
प्रभारी कलेक्टर जयति सिंह ने सयुंक्त कलेक्टर नदीमा शीरी को जिला आपूर्ति नियंत्रक का एवं डिप्टी कलेक्टर पुष्पेंद्र अहाके को जिला विपणन अधिकारी का प्रभार सौंपा है। इस बारे में आदेश जारी कर दिये गये हैं। ज्ञात हो कि राज्य शासन द्वारा जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर एवं जिला विपणन अधिकारी रोहित सिंह बघेल को निलंबित कर दिया गया है।

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