35 सालों में पहली बार किसी भारतीय ने वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया
भारत के सुमित नागल ने दुनिया के 27वें नंबर के खिलाड़ी कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को सीधे सेटों में हराकर अपने कैरियर में पहली बार आस्ट्रेलियाई ओपन के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। 26 साल के नागल क्वालीफायर के रास्ते मुख्य ड्रॉ में पहुंचे हैं। उन्होंने 31वीं वरीयता प्राप्त बुबलिक को दो घंटे 38 मिनट तक चले मैच में 6-4, 6-2, 7-6 से मात दी। नागल आस्ट्रेलियाई ओपन में पहली बार दूसरे दौर तक पहुंचे हैं। वह 2021 में पहले दौर में लिथुआनिया के रिकार्डास बेरांकिस से 2-6, 5-7, 3-6 से हार गए थे। विश्व रैंकिंग में 139वें स्थान पर काबिज नागल अपने कैरियर में दूसरी बार किसी ग्रैंडस्लैम का दूसरा दौर खेलेंगे। वह 2020 अमेरिकी ओपन के दूसरे दौर में डोमिनिक थिएम से हारे थे जो बाद में चैम्पियन बने।पहली बार किसी भारतीय ने वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया-
नागल की जीत के साथ ही 35 साल में पहली बार किसी भारतीय ने ग्रैंडस्लैम एकल में किसी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया है। आखिरी बार 1989 में रमेश कृष्णन ने मैट विलांडर को मात दी थी जो उस समय दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और आस्ट्रेलियाई ओपन में मौजूदा चैम्पियन थे। नागल की शुरूआत शानदार रही और पहले ही गेम में उन्होंने बुबलिक की सर्विस तोड़ी लेकिन अपनी सर्विस भी बरकरार नहीं रख सके। उन्होंने फिर बुबलिक की सर्विस तोड़कर पहला सेट 42 मिनट में जीत लिया।
दूसरे सेट में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बुबलिक की सर्विस दो बार तोड़ी और अपनी बरकरार रखकर 43 मिनट में जीत दर्ज की। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने सातवें गेम तक अपनी सर्विस टूटने नहीं दी। इसके बाद नागल ने सर्विस तोड़कर 4-3 की बढत बनाई और यह 5-3 कर दी। यह सेट टाइब्रेकर तक खिंचा जिसमें नागल 7-5 से विजयी रहे।

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