राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका खारिज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दरअसल याचिका में 7 अगस्त 2023 को लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए उस नोटिफिकेशन को खारिज करने की मांग की थी, जिसके जरिए राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाई। राहुल गांधी को अभी तक आरोपों से बरी नहीं किया गया है। ऐसे में उनकी संसद सदस्यता बहाल करने वाले नोटिफिकेशन को खारिज किया जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि ऐसी याचिका दायर होने से ना सिर्फ अदालत बल्कि रजिस्ट्री विभाग का भी कीमती समय बर्बाद होता है। इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। दरअसल मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी के चलते राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में गुजरात की अदालत ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई। सजा के चलते राहुल गांधी को संसद सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया। इसके खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल करने का नोटिफिकेशन जारी कर राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल कर दी थी। लोकसभा सचिवालय के इसी नोटिफिकेशन के खिलाफ लखनऊ के वकील अशोक पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
Friday, January 19, 2024
राहुल गांधी की सांसदी बहाली के खिलाफ दायर याचिका खारिज
राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका खारिज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दरअसल याचिका में 7 अगस्त 2023 को लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए उस नोटिफिकेशन को खारिज करने की मांग की थी, जिसके जरिए राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाई। राहुल गांधी को अभी तक आरोपों से बरी नहीं किया गया है। ऐसे में उनकी संसद सदस्यता बहाल करने वाले नोटिफिकेशन को खारिज किया जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि ऐसी याचिका दायर होने से ना सिर्फ अदालत बल्कि रजिस्ट्री विभाग का भी कीमती समय बर्बाद होता है। इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। दरअसल मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी के चलते राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में गुजरात की अदालत ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई। सजा के चलते राहुल गांधी को संसद सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया। इसके खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल करने का नोटिफिकेशन जारी कर राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल कर दी थी। लोकसभा सचिवालय के इसी नोटिफिकेशन के खिलाफ लखनऊ के वकील अशोक पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Author Details
त्रिकाल जनता का मंच है, वर्चुअल दुनिया में इंटरनेट के युग में विचार शून्यता को तोड़ने के लिए जरूरी मंच होगा आपका त्रिकाल, यह जनता की आवाज होगा। जनता की ताकत होगा। जनता के विचार, समस्याओं, सरोकारों से भरपूर होगा, सभी, कोई दावा वादा नहीं। त्रिकाल की चाल बताएगी कि वह कितनी धमकदार, चमकदार और जनता का कारवां बन रही है। इस न्यूज पोर्टल जनता का पोर्टल बनाया जाएगा। इसलिए जरूरी है भीड़ में अलग फहराते परचम की। जिसे फहराना है आपको क्योंकि त्रिकाल आपका है।

No comments:
Post a Comment