काउंटिंग का काउंटडाउन: नया इंतजाम, हर टेबल पर होंगे माइक्रो आब्जर्वर - दा त्रिकाल

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Thursday, November 23, 2023

काउंटिंग का काउंटडाउन: नया इंतजाम, हर टेबल पर होंगे माइक्रो आब्जर्वर

लोकल अफसर नहीं ले सकेंगे अंतिम फैसला, माइक्रो आब्जर्वर की रजामंदी भी जरूरी

जबलपुर में विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए स्ट्रॉन्ग रूम में जितने भी वोट काउंटिंग मेज रखे जाएंगे। उन सभी टेबलों पर एक माइक्रो आब्जर्वर को भी तैनात किया जाएगा। ये माइक्रो आब्जर्वर गणना सुपरवाइजर और गणना सहायक के अलावा होंगे। माइक्रो आब्जर्वर केंद्र सरकार या केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों का अधिकारी या कर्मचारी ही होगा। माइक्रो आब्जर्वर उस टेबल की मतों की गणना की एक्यूरेसी के लिए जिम्मेदार होगा। जिस मेज पर उसे तैनात किया जाएगा। चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था करने के निर्देश सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए हैं।

-कैसी होगी इनकी भूमिका
निर्वाचन आयोग के मुताबिक माइक्रो आब्जर्वर के रूप में तैनात कर्मचारी द्वारा दिखाए जाने वाले हर राउंड की गणना के मतों का ब्यौरा उन्हें दिए गए प्रिंटेड प्रारूप में दर्ज करेंगे। इसमें कंट्रोल यूनिट नंबर, राउंड नंबर, मेज नंबर, मतगणना केंद्र नंबर तथा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों की जानकारी होगी। माइक्रो ऑब्जर्वर को इस बारे में बकायदा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने टेबुलेशन के लिए लगाई गई टेबलों के अलावा हर काउंटिंग हॉल में दो अतिरिक्त माइक्रो आब्जर्वर को तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं। इनमें से एक हर प्रत्याशी के लिए दर्ज मतों के राउंड वार जानकारी दर्ज करने के लिए मतगणना हॉल में रखे गए कम्प्यूटर में डाटा एंट्री पर निगरानी रखेगा तथा यह तय करेगा कि सभी एंट्री डाटा एंट्री आपरेटर द्वारा सही ढंग से की गई हैं। दूसरा माइक्रो आब्जर्वर निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक को सहायता प्रदान करेगा तथा गणना के राउंड वार दर्ज आंकड़ों के कम्प्यूटर से लिए गए प्रिंट आउट से यह जांच करेगा कि दर्ज किए गए सभी आंकड़े सही और पूर्ण हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक ऐसी हर टेबल पर भी एक माइक्रो आब्जर्वर को नियुक्त किया जाना होगा जिस टेबल का इस्तेमाल डाकमत पत्रों की गणना के लिए किया जाएगा। चूंकि माइक्रो ऑब्जर्वर निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों के नियंत्रण में रहेंगे इसलिए ये अपनी रिपोर्ट सीधे आयोग के प्रेक्षकों को ही देंगे।

-उम्मीदवारों के एजेंट्स कहां बैठेंगे
विधानसभा चुनाव के लिये डाले गए मतों की गणना लाइन लगाकर रखी जाने वाली टेबलों पर की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हर लाइन में लगी टेबलों को नंबर दिया जाएगा। हर गणना टेबल पर काउंटिंग एजेंट्स के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार काउंटिंग टेबिल के सामने उम्मीदवारों के गणना अभिकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था में प्राथमिकता की श्रेणियों का ध्यान दिया जायेगा। टेबल पर पहली लाइन में सबसे पहले मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टियों के उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंट्स बैठेंगे। उसके बाद मान्यता प्राप्त राज्य पार्टियों के उम्मीदवारों के गणना एजेंट्स बैठ सकेंगे। इनके बाद अन्य राज्यों के मान्यता प्राप्त राज्य दलों के उम्मीदवार के अभिकर्त्ता बैठेंगे। उनके बाद पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दलों के उम्मीदवारों के गणना अभिकर्ता तथा सबसे अंत में निर्दलीय उम्मीदवारों के गणना अभिकर्ता बैठेंगे। निर्वाचन आयोग के मुताबिक मतगणना अभिकर्त्ता को जिस टेबल ले लिए नियुक्त किया है वे उसी टेबल पर बैठेंगे।

-विधानसभावार प्रेक्षक किए तैनात
राज्य निर्वाचन आयोग ने जबलपुर की आठों विधानसभा में होने वाली मतगणना के लिए प्रेक्षक नियुक्त किए है। ये सभी प्रेक्षक मतगणना के दौरान मौके पर नियुक्त होंगे और मतगणना के समय हर होने वाली गतिविधियों पर नजर भी रखेंगे। निर्वाचन आयोग ने जबलपुर की केंट विधानसभा के लिए लवकेश कुमार त्रिपाठी को नियुक्त किया है। इसके अलावा पश्चिम विधानसभा के लिए आकांक्षा रंजन को, मंजुनाथ जीएन को बरगी, सुहर्ष भगत को पूर्व, सौरभ जैन को उत्तर, देब कुमार नंदन को पनागर, मनीष कुमार को सिहोरा, अरुणिमा डे को पाटन को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है।

रोज दो बार होगा स्ट्रांग रूम का इन्सपेक्शन
मप्र मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन स्वयं स्ट्रांग रूम की व्यवस्थाओं को निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजें। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को उम्मीदवार या उनके अधिक़ृत अभिकर्ता की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम से मतगणना केंद्र लाया जाएगा। मतगणना के पहले तक प्रतिदिन दो बार स्ट्रांग रूम का निरीक्षण होगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान स्ट्रांग रूम के बाहर तैनात हैं। 24 घंटे निगरानी की जा रही है। मतगणना के दिन पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ईवीएम को निकालकर मतगणना स्थल पर लाया जाएगा। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

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