रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी ने तीन गुना बढ़ाई संबद्धता फीस - दा त्रिकाल

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Thursday, February 29, 2024

रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी ने तीन गुना बढ़ाई संबद्धता फीस


छात्रों पर वसूली का दबाव के चलते आक्रोश

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेजों की संबद्धता फीस तीन गुना तक बढ़ाए जाने से सब हैरत में हैं। दरअसल, कॉलेज अब ये शुल्क स्टूडेंट्स से वसूलने का दबाव बना रहे हैं और छात्रों में आक्रोश पनप रहा है। इस आक्रोश को कम करने के लिए विवि ने कॉलेजों को तीन किस्तों का ऑप्शन दिया है,लेकिन अंतत: वूसली तो करनी होगी। ये शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख भी पांच मार्च तक बढ़ाई गई है।

-क्यों किया गया ये इजाफा
विश्वविद्यालय और कालेजों के बीच पिछले साल से जारी संबंद्धता शुल्क बढ़ोत्तरी पर तकरार बढ़ी हुई है। इस बार भी रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने सालाना संबंद्धता शुल्क में बेतहाशा इजाफा कर दिया है। शुल्क में तीन गुना तक बढ़ोत्तरी की गई है। जिले के कई कालेज़ों ने शुल्क बढ़ोतरी का विरोध करना शुरू कर दिया है, हालांकि खुलकर कुछ भी कॉलेज कहने से बच रहे हैं।

-वित्तीय हालात की दुहाई
वहीं विश्वविद्यालय का कहना है कि वित्तीय हालात को सुधारने के लिए शुल्क बढ़ाया गया है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 28 फरवरी संबंद्धता शुल्क ऑनलाइन जमा करने की तारीख तय की गई थी लेकिन कालेजों ने शुल्क नहीं जमा किया जिसके बाद प्रशासन ने पांच मार्च तक तिथि बढ़ा दी है।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने कालेजों के बोझ को कम करने के लिए प्रशासन तीन किस्त में शुल्क जमा करने का विकल्प भी देने पर विचार कर रहा है। दरअसल कालेजों को बताया गया है कि संबंद्धता शुल्क अधिकतम 10-20 प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए था, लेकिन विश्वविद्यालय की समन्वय समिति ने बढ़ोत्तरी 400 से 600 प्रतिशत तक कर दी। जानकारी के मुताबिक कई जगह फीस तक बढ़ा दी गई है। जो कालेज अभी विद्यार्थियों से फीस में रियायत देते थे उन्होंने भी तेजी से शुल्क जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

-पहले क्या और अब क्या
विश्वविद्यालयों ने संबद्धता शुल्क अभी तक विषयवार लेता था लेकिन अब सीट के आधार पर शुल्क लागू किया गया है। 60 सीट के लिए एक निश्चित शुल्क है। इससे अधिक सीट पर अलग शुल्क कॉलेजों को देना होगा। इस वजह से कालेजों की आमदनी पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। अशासकीय महाविद्यालयीन संगठन ने इस संबंध में लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर विरोध किया है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।

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