कम दूरी के मुसाफिरों को कंफर्म सीट देने कवायद, फरवरी तक पटरी में दिखेगी योजना
अपने शुरुआती दिनों से ही सुर्खियों में रहने वाली वंदे भारत ट्रेन एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार ताजा खबर है कि अब वंदे भारत में एसी चेयर कार के साथ स्लीपर कोच भी जोड़ा जाएगा। रानी कमलापति स्टेशन से जबलपुर तक चलने वाली ट्रेन को पहले ही रीवा तक बढ़ाकर इसका एक्सटेंशन दिया गया है। जबलपुर में बैठे अधिकारियों का कहना है कि तैयारी शुरु कर दी गयी है,जैसे ही कोच आएंगे, उन्हें ट्रेन के साथ जोड़ दिया जाएगा।रेलवे द्वारा स्लीपर कोच वंदे भारत एक्सप्रेस तैयार कराई जा रही हैं, लेकिन इनका रिस्पांस जानने के लिए प्रयोग के तौर पर वर्तमान में देश में दौड़ रहीं लंबी दूरी की वंदे भारत एक्सप्रेस में स्लीपर कोच जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसमें जबलपुर से गुजरने वाली वंदे भारत ट्रेन भी शामिल है। संभावना जताई जा रही है कि ट्रायल के तौर पर ट्रेन में एक से दो स्लीपर कोच जोड़े जा सकते हैं।
-कहां तैयार हो रहे स्लीपर कोच
वर्तमान में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी में वंदे भारत एक्सप्रेस का स्लीपर वर्जन तैयार किया जा रहा है। पिछले दिनों रेल मंत्रालय ने भी घोषणा की थी कि फरवरी 2024 से स्लीपर वर्जन पटरियों पर दौड़ता नजर आएगा। इससे पहले स्लीपर कोच का फीडबैक लेने के लिए वर्तमान में चल रही कुछ वंदे भारत ट्रेनों में एक से दो स्लीपर कोच जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। प्रयोग के तौर पर पहले चरण में रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन, वाराणसी-नई दिल्ली, माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली, नागपुर-इंदौर जैसी लंबी दूरी तक चलने वाली ट्रेनों में स्लीपर कोच जोड़ने की तैयारी की जा रही है। स्लीपर कोच में कुल 51 सीटें रहेंगी। वहीं रेलवे की योजना है कि स्लीपर वर्जन में एक से दो कोच चेयर कार श्रेणी के भी शामिल किए जाएं, जिससे कम दूरी तक यात्रा करने वाले यात्रियों को कन्फर्म सीटें उपलब्ध हो सकें।

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