स्कूल शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा, डीईओ को दी सीधी कार्रवाई की चेतावनी
स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुये कलेक्टर की उस मर्जी पर लगाम कस दी है,जिसमें गर्मी या सर्दी में स्कूलों की टाइमिंग बदली जाती थी या फिर छुट्टी दी जाती है। सर्कुलर में कहा है कि शीतलहर, कोल्ड-डे और ग्रीष्मकाल में अधिक तापमान, हीट-वेव की स्थिति में स्कूलों के समय परिवर्तन संबंधित आदेश स्वत संज्ञान लेकर जारी न किए जाएं। पहले स्कूलों में प्रतिनिधियों और अभिभावकों से चर्चा की जाए। फिर आयुक्त लोक शिक्षण या संचालक राज्य शिक्षा केंद्र से सहमति ली जाए। इसको लेकर पूर्व में भी निर्देश जारी किए जाते रहे हैं कि कैसे इस तरह के मामलों में काम किया जाना है,लेकिन इस बार-बार दरकिनार किया गया।-अभिभावकों से सलाह-मशविरा करें
ताजा निर्देशों में कहा है कि शीतकाल में अधिक ठंड होने पर या शीतलहर चलने, कोल्ड डे की स्थिति और गर्मी में अधिक तापमान वृद्धि, लू चलने की स्थिति में स्कूलों के समय में परिवर्तन का आदेश विद्यालयों के प्रतिनिधियों और अभिभावकों से चर्चा करनी होगी। इतना ही नहीं आदेश जारी करने के पहले आयुक्त लोक शिक्षण, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र से सहमति भी लेनी जरूरी होगी।
-स्कूलों को देना होगा समय
स्कूलों का समय बदलने की दशा में आदेश जारी होने के बाद पालन करने के लिए स्कूलों को कम से कम एक दिन का समय देना होगा ताकि स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को पर्याप्त व्यवस्था का समय मिल सके। शीतकाल में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से कम होने और गर्मी में 42 डिग्री से अधिक रहने की संंभावना पर प्री प्राइमरी से 5वीं कक्षा तक की क्लासेस बंद करने के संबंध में कलेक्टर निर्णय ले सकते हैं लेकिन इसके पहले संचालक राज्य शिक्षा केंद्र से परामर्श करना होगा तभी आदेश जारी कर सकेंगे। विभाग ने कहा है कि अन्य अपरिहार्य स्थिति में आयुक्त लोक शिक्षण, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र से सहमति लेकर ही संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा जिले में विद्यालय संचालन के लिए समय तय किया जा सकेगा। राज्य स्तर पर निर्धारित विभिन्न परीक्षाएं समय पर ही आयोजित की जाएंगी। इनका समय नहीं बदला जा सकेगा।

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