पांच दिन तक एक छत के नीचे रहा कोबरा और एक आदमी
क्या कोई आदमी ऐसा भी हो सकता है कि उसके घर में कोबरा निकले और वो पांच दिन तक किसी को कुछ न बताए। कोबरा कभी इस कमरे में, कभी उस कमरे में और गोविंद उसके साथ जीता रहा। पांच दिन बाद जब गोविंद को लगा कि ऐसे जीना मुश्किल होगा, तब उसने सर्प विशेषज्ञ को बुलाया और कोबरा को पकड़कर जंगल के हवाले किया गया। जबलपुर के कछियाना इलाके में रहने वाले गोविंद बघेल को क्या कहें, कुछ समझ में नहीं आता। उसने शायद सोचा होगा कि कोबरा खुद ही चला जाएगा,लेकिन कोबरा नहीं गया।-एक दिन ऐसा भी आया
गोविंद ने बताया कि कच्चा मकान होने के कारण नाग कभी जमीन तो कभी दीवार के अंदर घुस जाता था। जब से गोविंद ने कोबरा को देखा था, तब से इस कदर दहशत में था कि घर के अंदर जाने से डरने लगा। गोविंद सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम को पांच फीट लंबा कोबरा नाग घर आ गया था। गोविंद की नींद हराम हो गई। सांप कभी दिखाई देता तो कभी ओझल हो जाता था। गोविंद संभवत: अकेले रहते हैं , इसलिए उनका कमरा फैला हुआ था। आज शाम जैसे ही गोविंद सोकर उठा तो देखा कि अलमारी में कोबरा सांप फन फैलाकर बैठा है, और फुंफकार रहा था। तब सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी जिन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करते हुए सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। सर्प विशेषज्ञ के अनुसार पकड़ा गया सांप कोबरा प्रजाति का है, जो कि जहरीला होता है। ठंड के कारण सांप ज्यादा आक्रामक नहीं था और जब तक उसे कोई छेड़छाड़ नहीं करता तब तक सांप कोई नुक़सान नहीं पहुंचाता।

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