अभी तक लगभग 1100 करोड़ खर्च, ट्रस्ट के पास 3000 करोड़ बचे
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पूरा हो गया। आम लोगों के लिए रामलला के दर्शन शुरू हो चुके हैं। भक्तगण भारी संख्या में नए राम मंदिर के दर्शन करने आ रहे हैं। हालांकि, नए राम मंदिर में अभी कई और काम बाकी हैं। जानकारी के मुताबिक, सेकंड फ्लोर बनना अभी बाकी है। शिखर का काम और जो मूर्तियां लग चुकी हैं उनका भी फिनिशिंग और पॉलिशिंग कुछ मात्रा में होनी हैं। दूसरे फ्लोर पर राम परिवार की स्थापना होनी बाकी है।जानकारी के मुताबिक, दूसरे फ्लोर पर राम-सीता विराजमान होंगे। उनके साथ भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्ति लगनी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने बताया कि नए राम मंदिर परिसर में कुल 13 मंदिर बनना है। जिनमें 5 प्रमुख देवताओं (गणपति, सूर्य, शिव, विष्णु और देवी) के मंदिर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नए राम मंदिर परिसर में 6 मंदिर बनेंगे और परिसर के बाहर 7 मंदिर बनेंगे। हनुमान जी का एक अलग मंदिर बनेगा। जहां सीता रसोई है वहां अन्नपूर्णा माता की स्थापना होगी। वहीं से आम लोगों को मंदिर का प्रसाद मिलेगा।
ट्रस्ट के पास अभी 3000 करोड़-
स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने बताया लगभग 1100 करोड़ रुपए अब तक खर्च हो चुके हैं। हमारा अनुमान है कि 1400 करोड़ रुपये पूरे मंदिर निर्माण पर खर्च होंगे। हम लोगों के पास करीब 3000 करोड़ रुपए अभी बचे हैं। उन्होंने बताया कि अभी भी देश भर से दान मिल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि अभी तक विदेशों से किसी तरह का दान प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि एफसीआरए की सुविधा नहीं होने के कारण विदेशों से दान नहीं लिया जा सका है। उन्होंने बताया कि अगले 2-3 महीनों में विदेशों से भी दान आने लगेंगे।
नए राम मंदिर में आईआईटी का बड़ा हाथ
स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी सूरत, आईआईटी मुंबई, आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की सलाह और मार्गदर्शन मिला है। हमेशा इन संस्थानों के विशेषज्ञों ने सहायता की है। अब मंदिर की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि इनके मार्गदर्शन के बिना हम यह काम पूरा नहीं कर पाते।

No comments:
Post a Comment