केरल पुलिस ने विवादित और भड़काऊ बयान देकर सामाजिक माहौल बिगाड़ने के आरोप में मुस्लिम नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विवाद बढ़ने के बाद मुस्लिम युवा विंग के नेता के खिलाफ 'हाथ काटने' वाली टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज किया गया है। आरोपी समस्त केरल जेम-इयाथुल उलमा की छात्र शाखा का नेता- सथार पंथालूर बताया जा रहा है। इस पार्टी की स्टूडेंट विंग का नाम एसकेएसएसएफ है। उन्होंने कहा था कि पार्टी कार्यकर्ता विद्वानों का अपमान नहीं सहेंगे।
केरल सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन (एसकेएसएसएफ) के नेता सथार पंथालूर के खिलाफ केरल पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी- अब भारतीय न्याय संहिता या BNS) की धारा 153 के तहत आरोप लगाए हैं। दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाने का प्रयास करने के आरोपी पंथालूर ने विद्वानों की आलोचना करने पर नाराजगी प्रकट की थी। उन्होंने उनके लिए मुश्किलें पैदा करने वालों के हाथ काट देने की चेतावनी दी थी।
हिंसा भड़कने का खतरा-
मिली जानकारी के मुताबिक समस्त केरल जेम-इयाथुल उलमा, सुन्नी विद्वानों का एक संघ है। केरल के मुसलमानों के बीच इसे सबसे अधिक समर्थन हासिल है। स्थानीय शख्स की शिकायत के बाद केरल पुलिस ने पंथालूर के खिलाफ शनिवार को मामला दर्ज किया। मलप्पुरम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भेजी गई शिकायत में कहा गया कि सुन्नी युवा विंग के नेता के बयान से विभिन्न समूहों के बीच हिंसा भड़कने का खतरा है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंथालूर ने मलप्पुरम में हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, समस्त केरल जेम-इयाथुल उलमा से जुड़े विद्वानों की आलोचना करने पर हाथ काट दिए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक इस संगठन की छात्र इकाई- एसकेएसएसएफ के कार्यकर्ताओं के सामने पंथालूर ने कहा, 'कार्यकर्ता ऐसे किसी भी शख्स का हाथ काट डालेंगे जो 'समस्त' के प्रतिष्ठित विद्वानों और उस्तादों को झटका देने या उनके रास्ते में अड़चन पैदा करने की नापाक कोशिश करेगा।'
खबरों के मुताबिक पंथालूर ने विवादास्पद टिप्पणी ऐसे समय में की है जब 'समस्त' के विद्वानों का एक धड़ा, राजनीतिक दल- IUML के कुछ नेताओं से नाराज है। बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन- यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) में शामिल एक दल- इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) गठबंधन में शामिल दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। सामाजिक और सियासी रूप से अहम दो प्रमुख संगठनों के बढ़ते असंतोष की खबरों के बीच युवा नेता पंथालूर के 'बिगड़े बोल' सामने आए हैं। फिलहाल, इस विवाद पर मुख्यमंत्री पिनारई विजयन की सरकार या केरल के किसी राजनीतिक दल का बयान सामने नहीं आया है।

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