बंद कमरे में दम घुटने से हादसा, दो माह का बच्चा जीवित
ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो जाना एक परिवार को काफी भारी पड़ गया। बंद कमरे में दम घुटने से कमरे में सो रहे पति-पत्नी की मौत हो गई। हादसे में दो महीने का बच्चा जीवित बचा है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस इस हादसे की जांच में जुटी है। हादसे में जान गंवाने वालों के नाम मानव व नेहा हैं। मानव पत्नी व बच्चे के साथ पोचनपुर गांव के पास रहते थे। इन्होंने किराये का कमरा ले रखा था। बुधवार सुबह इनके पड़ोसी ने इनके घर के बाहर कोई हलचल नहीं देखी। इस बीच उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। काफी देर तक जब बच्चा रोता रहा तब उन्होंने कमरे की खिड़की को खोला और अंदर झांककर देखा। उन्होंने पाया कि फर्श पर लेटा बच्चा रो रहा है, वहीं बच्चे के माता-पिता बेसुध हैं। उन्होंने फौरन मामले से पुलिस को अवगत कराया। मानव के स्वजन ने बताया कि मानव व उनकी पत्नी दोनों कामगार थे, लेकिन पत्नी नेहा इन दिनों बच्चे की देखभाल के कारण घर में ही रहती थी। मानव चार भाई थे। दिल्ली में मानव के अलावा एक और भाई रहते हैं।-अंगीठी का प्रयोग सतर्कता से करें
सर्दी से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी का प्रयोग करते हैं तो इस ख्याल रखें कि कमरा पूरी तरह बंद न हो। अंगीठी में कोयले या लकड़ी को जलाने से कार्बन मोनोआक्साइड के अलावा कई जहरीली गैसें निकलती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं एवं अंगीठी ही नहीं, रूम हीटर भी बंद कमरे में ऐसी जहरीली गैसें बना देते हैं, जो जीवन के लिए संकट खड़ा कर सकती है।

No comments:
Post a Comment