अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर की मांग - दा त्रिकाल

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Wednesday, January 31, 2024

अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर की मांग

जबलपुर महापौर ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सौंपा ज्ञापन


जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू द्वारा संस्कारधानी को बड़े महानगर का स्वरूप प्रदान करने लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी और मुख्यमंत्री डॉं. मोहन यादव को एक कार्यक्रम के दौरान ज्ञापन सौंपकर शहर विकास के लिए 5100 करोड़ की राशि की मांग की है। इस संबंध में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री डॉं. मोहन यादव का आत्मीय स्वागत कर आग्रह किया कि जबलपुर में बढ़ती आबादी और सघन यातायात को दृष्टिगत रखते हुए अम्बेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक रद्दी चौकी तक फ्लाई ओवर निर्माण कराने तथा पर्यटन को लोकप्रिय बनाने एवं पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए मदन महल किला से होते हुए पिसनहारी की मढ़िया, भैरव बाबा मंदिर से धुॅंआधार की तरफ एक रोप-वे की स्थापना कराये जाने की मॉंग कर आग्रह किया गया। महापौर ने मुख्यमंत्री डॉं. मोहन यादव से मॉंग की कि जबलपुर को उपराजधानी बनाया जाये तथा साल में एक बार जबलपुर में भी कैबिनेट की बैठक आयोजित कर शहर के नागरिकों को बड़ी राशि की परियोजनाएॅं एवं विकास कार्य स्वीकृत कर सौगात दी जाये, ताकि जबलपुर शहर भी विकसित शहर की श्रेणी में आ सके।

राशि के आभाव में अटक रहे काम-
महापौर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉं. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनने के उपलक्ष्य में बधाईयॉं दी और उनसे आग्रह कर अवगत कराया कि शहर में बहुत से विकास के कार्य राशि के अभाव में पूर्ण नहीं हो रहे हैं, इसलिए शहर विकास के लिए राशि आवंटन करने की महती आवश्यकता है, कम से कम 5000 करोड़ रूपये की राशि नगर निगम जबलपुर को आवंटित कराया जाये। महापौर ने उन्हें यह भी अवगत कराया कि इसके पूर्व में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं वर्तमान सरकार के नगरीय प्रशासन, आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी ज्ञापन सौपकर राशि आवंटन करने की मॉंग की गई थी परन्तु आज तक नगर निगम जबलपुर को राशि प्रदाय नहीं की गयी है। जिसके कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। महापौर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉं. मोहन यादव से पुन: आग्रह किया कि शहर विकास एवं एवं शहर को महानगर का स्वरूप प्रदान करने के लिए शासन से राशि आवंटित कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष से इस वित्तीय वर्ष मध्यप्रदेश शासन से कम अनुदान प्राप्त हुआ है एवं 18 दिसम्बर 2023 से ई-नगर पालिका का पोर्टल बंद है जिससे राजस्व वसूली प्रभावित है, जिससे आउटसोर्स कर्मियों, विद्युत, स्वच्छता में लगे वाहनों के लिए डीजल, कर्मचारियों/सेवानिवृत्त का वेतन भुगतान शेष है एवं शहर विकास कार्यो के देयक भी भुगतान हेतु लंबित है।

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