लोकसभा चुनाव: 40 फीसदी भाजपा सांसदों के टिकट पर लटकी तलवार - दा त्रिकाल

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Saturday, January 13, 2024

लोकसभा चुनाव: 40 फीसदी भाजपा सांसदों के टिकट पर लटकी तलवार

मिशन 2024 की तैयारियों में जुटी बीजेपी, प्रत्याशी चयन में बेहद सतर्क

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट के लिए जो कड़े प्रावधान तय किए हैं उसका असर पार्टी के 40 फीसदी सांसदों पर पड़ेगा। पार्टी ने इस बार बेहद कम अंतर से जीत हासिल करने वाले, लगातार तीन चुनाव जीतने वाले, 70 से अधिक उम्र वाले और अति सुरक्षित सीटों पर अपवाद स्वरूप ही वर्तमान सांसदों को उतारने का मन बनाया है। वर्तमान में ऐसे सांसदों की संख्या करीब 130 है। मिशन 2024 की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी पार्टी ने लगातार तीसरी जीत हासिल करने के लिए टिकट वितरण में सबसे अधिक सावधानी बरतने का फैसला किया है। पार्टी की योजना न्यूनतम अंतर से जीत वाली सीटों और कठिन सीटों पर मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की तर्ज पर दिग्गज चेहरों को उतारने की है। सत्ता बरकरार रखने के लिए पार्टी का खास फोकस उन 344 सीटों पर है, जहां पार्टी को बीते तीन चुनावों में कभी न कभी जीत हासिल हुई है।

- कठिन है टिकट हासिल करना
पार्टी सूत्रों के मुताबिक बीते चुनाव में पार्टी को 27 सीटों पर महज एक फीसदी के अंतर से तो 48 सीटों पर महज दो फीसदी के अंतर से जीत हासिल हुई थी। इनमें से ज्यादातर सीटों पर पार्टी उम्मीदवार बदलेगी। इसके अलावा वर्तमान में पार्टी के 61 सांसदों की उम्र 70 वर्ष से अधिक है, जबकि लगातार तीन चुनाव जीतने वाले सांसदों की संख्या 20 है। इन सीटों पर भी अपवाद स्वरूप ही सांसदों को फिर से टिकट मिलेगा।

बीते चुनाव में पार्टी ने 224 सीटों पर 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल किया था। इनमें से 42 सीटें ऐसी थी जहां भाजपा ने अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को 35 से 52 फीसदी वोट के बड़े अंतर से हराया था। नेतृत्व ने इन सीटों की गणना पार्टी की सबसे सुरक्षित सीटों में की है। योजना ज्यादातर सीटों पर युवा चेहरों को मौका देने की है। पार्टी ने टिकट देने और चुनावी रणनीति के लिए बीते तीन चुनावों का विश्लेषण किया है। ऐसी 95 सीटें हैं जहां पार्टी लगातार तीन बार, 173 सीटों पर लगातार दो बार और 76 सीटों पर महज एक बार जीत हासिल की है। देश की 344 सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा कभी न कभी चुनाव जीती है, जबकि 199 सीटें ऐसी है जहां पार्टी कभी नहीं जीती।

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