मुन्नाभाई खबरदार...! प्रवेश पत्र में होगा क्यूआर कोड - दा त्रिकाल

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Monday, January 8, 2024

मुन्नाभाई खबरदार...! प्रवेश पत्र में होगा क्यूआर कोड

मप्र बोर्ड के 10वीं और 12वीं में नकलचियों पर शिकंजा,

मप्र बोर्ड के 10वीं और 12वीं के प्रवेशपत्रों में इस बार क्यूआर कोड होगा। 10वीं और 12वीं की परीक्षा को लेकर मप्र बोर्ड अब सख्त हो गया है। परीक्षा में वास्तविक विद्यार्थी की जगह दूसरा फर्जी विद्यार्थी ना बैठ सके, इसके लिए पहली बार प्रवेशपत्रों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। क्यूआर कोड स्कैन करने पर विद्यार्थियों का पूरा रिकार्ड सामने आ जाएगा। इसमें विद्यार्थी का नाम, फोटो, माता-पिता व स्कूल का नाम, पंजीयन नंबर सहित पूरी जानकारी होगी। वहीं परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी या उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर से बचने के लिए सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं में बार कोड होंगे।

-एप करेगा स्कैन
परीक्षा केंद्र पर एप से क्यूआर कोड स्कैन करके विद्यार्थियों की पूरी जानकारी जांची जाएगी। वहीं, परीक्षा की निगरानी आनलाइन भी की जाएगी। इसके लिए एक विशेष एप भी तैयार किया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल मंडल ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10वीं के तीन विषयों और 12वीं में एक विषय की उत्तर पुस्तिका में बार कोड लागू किया था। वहीं 20 पेज के बदले 32 पेजों की उत्तरपुस्तिकाएं दी गई थीं, ताकि विद्यार्थियों को अतिरिक्त कापियां नहीं लेनी पड़ें। माशिमं की 10वीं व 12वीं की परीक्षा पांच फरवरी से शुरू होगी। दोनों परीक्षाओं में करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। पिछले साल 18 लाख 22 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे।

-क्या-क्या फायदे हो सकते हैं
प्रवेश पत्रों में क्यूआर कोड होने से फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान आसान हो सकेगी। क्यूआर कोड होने से किसी विद्यार्थी के बदले दूसरा परीक्षार्थी नहीं बैठ सकता है। उत्तर पुस्तिकाओं में बारकोड होने से गड़बड़ियों पर रोक लग सकेगी। बार कोड होने से मूल्यांकनकर्ता पहचान नहीं पाएंगे कि किस विद्यार्थी की कॉपी है।

अतिरिक्त कॉपी से उत्तर पुस्तिका के बदल जाने या खोने की आशंका खत्म होगी एवं विद्यार्थियों को अतिरिक्त कॉपी नहीं लेनी पड़ेगी।

-10 वीं में 75,12 वीं में 70 अंक
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पांच फरवरी से आयोजित होने वाली 10वीं की परीक्षा में 75 अंक का सैद्धांतिक प्रश्नपत्र और 25 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा, वहीं 12वीं में प्रायोगिक विषयों में 70 अंकों का प्रश्नपत्र और 30 का प्रयोग होगा, जबकि बिना प्रायोगिक विषयों का प्रश्नपत्र 80 अंक का और 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा। दोनों कक्षाओं में स्वाध्यायी विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन नहीं होगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि आंतरिक मूल्यांकन के अंक आनलाइन भरे जाएंगे। मंडल की ओर से आंतरिक और बाह्य मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति के लिए भी गाइडलाइन जारी कर दी है। प्रायोगिक परीक्षा के लिए आंतरिक मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति संबंधित स्कूल के प्राचार्य द्वारा उनके स्कूल में कार्यरत संबंधित विषय के शिक्षकों से की जाएगी। स्कूलों के एमपी आनलाइन के लाग इन में पांच मार्च से आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षा के अंक भरे जाएंगे।

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