सना खान हत्याकांड: पुलिस के हत्थे चढ़े मोबाइल और लैपटॉप, कई बड़े चेहरों पर कस सकता है शिकंजा
नागपुर की भाजपा नेत्री सना खान हत्याकांड में फिर से जान आ गयी है। नागपुर पुलिस को सना का मोबाइल और लैपटॉप मिल गया है। सबूतों के अभाव में कानून के शिकंजे से बच निकलने वालों के लिए ये सबूत जल्दी ही बुरी खबर लेकर आ सकते हैं। सना की हत्या करने के आरोपी अमित साहू उर्फ पप्पू के बेलखाडू स्थित घर से मोबाइल और लैपटॉप बरामद किया गया है। नागपुर में फॉरेंसिंक टीम सना के मोबाइल फोन और लैपटाप की जांच करेगी।
-क्या हुआ, कब हुआ
नागपुर भाजपा अल्पसंख्यक सेल की मंत्री सना खान ने बिलहरी राजुल टाउन निवासी ढाबे के संचालक अमित साहू से 24 अप्रैल 2023 को कोर्ट मैरिज की थी। शादी से पहले से ही दोनों के बीच साझा व्यापार था। दो अगस्त को सना अमित से मिलने नागपुर से जबलपुर आई। आरोपित है कि राजुल टाउन स्थित अपने किराए के मकान में अमित साहू ने सिर पर लाठी से वार कर सना की हत्या की और फिर उसी रात शव को साथी राजेश सिंह की मदद से बेलखेड़ा के मेरे गांव की हिरणनदी में बहा दिया। प्रकरण में नागपुर पुलिस अब तक अमित साहू उर्फ पप्पू समेत राजेश, कमलेश, रब्बू यादव और धर्मेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया था।
- सारी गुत्थी सुलझ जाएगी
मोबाइल-लैपटॉप हाथ आने के बाद पुलिस इस मामले में अधिकृत रूप से कुछ कहने में सक्षम हो जाएगी और सबूतों के अभाव में राहत पाने वालों को परेशानी होगी। जानकारी के अनुसार पिछले दिनों नागपुर पुलिस को मोबाइल फोन की जानकारी मिल गयी थी। टीम ने न्यायालय में अर्जी दाखिल की और अमित साहू को पांच जनवरी तक की पुलिस रिमांड पर लिया। पुलिस उसे लेकर बेलखाड़ू वाले घर ले गयी। इस घर में अमित साहू की मां अकेली रहती है।
-जबलपुर पुलिस की भूमिका
इधर, इस मामले में जबलपुर पुलिस की भूमिका पहले दिन से ही निराशाजनक रही है। हालाकि, बाद में, नागपुर पुलिस ने भी जबलपुर पुलिस से न सहयोग मांगा और न ही कोई जानकारी शेयर की। सूत्रों ने बताया कि थाना प्रभारी स्तर पर जब नागपुर पुलिस ने मदद की उम्मीद की तो जवाब मिला कि उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया जाएगा, लेकिन आज तक मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हो सका। असल में सना खाना नागपुर में सियासी शख्सियत है इसलिए नागपुर पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है।

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