अमेरिका का इराक और सीरिया को जवाब - दा त्रिकाल

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Saturday, February 3, 2024

अमेरिका का इराक और सीरिया को जवाब

85 ईरानी ठिकानों पर हमला, तीन सैनिकों की मौत का बदला

अमेरिका ने शनिवार सुबह इराक और सीरिया में 85 ईरानी ठिकानों पर हमला किया। ये अटैक 5 दिन पहले जॉर्डन-सीरिया बॉर्डर पर ड्रोन हमले में तीन सैनिकों की मौत के जवाब में किया गया।

जानकारी के मुताबिक अमेरिकी सेना ने कहा कि हमारे लड़ाकू विमानों ने शनिवार सुबह इराक और सीरिया में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड और उनके समर्थिन वाल मिलिशिया गुटों के 85 ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए। इस दौरान 7 जगहों (4 सीरिया, 3 इराक) पर मिसाइलें दागी गईं। इसमें बी-1 स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट के साथ-साथ इंटेलिसजेंस ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, सीरियाई मीडिया के मुताबिक अमेरिका स्ट्राइक में नागरिकों और सैनिकों की मौत हुई है। सीरिया ह्यूमन राइट्स वॉर मॉनिटर ऑबजर्वेटरी का कहना है कि 18 लोग मारे गए हैं। हालांकि मारे गए लोगों के आंकड़े की पुष्टि नहीं हो सकी है।

जवाब देना जारी रखेंगे:बाइडेन
एयरस्ट्राइक के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि सैन्य बलों ने इराक और सीरिया में उन ठिकानों को निशाना बनाया जिनका इस्तेमाल ढ्ढक्रत्रष्ट और उनके समर्थित मिलिशिया अमेरिकी बलों पर हमला करने के लिए करते हैं। हमने आज जवाब देना शुरू कर दिया है। ये जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका मिडिल ईस्ट या दुनिया में कहीं भी संघर्ष नहीं चाहता है। लेकिन वे सभी जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यदि वे किसी अमेरिकी को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम जवाब देंगे। वहीं, अमेरिका रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है।

2 जनवरी को हमले का प्लान अप्रूव्ड-
28 जनवरी को जॉर्डन-सीरिया बॉर्डर पर बने अमेरिकी बेस-टावर 22 पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ था। इसमें 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और कई घायल हुए थे। इजराइल-हमास जंग के बीच ऐसा पहली बार था जब 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई। अमेरिका ने इस हमले के पीछे ईरान के समर्थन वाले गुट को जिम्मेदार ठहराया था। तब से राष्ट्रपति जो बाइडेन और अन्य टॉप अमेरिकी नेता लगातार चेतावनी दे रहे थे कि अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। इसके बाद 2 जनवरी को बाइडेन ने सीरिया और ईराक में बने ईरानी ठिकानों पर हमले का प्लान अप्रूव किया। 3 जनवरी की सुबह अमेरिकी सेना ने हमला कर दिया। अमेरिकी बेस पर हमले से पहले ईरान ने इजराइल पर सीरिया की राजधानी दमिश्क में एक इमारत पर हमला करने का आरोप लगाया था। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इसमें 5 लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में ईरान के 4 मिलिट्री एडवाइजर और सीरिया में ईरानी सेना का चीफ इंटेलिजेंस ऑफिसर शामिल था। इसके बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी थी।

जानकारी के मुताबिक इजराइल-हमास जंग अब मिडिल ईस्ट में फैलने लगी है। ईरान और अमेरिका सीधे न लड़कर सीरिया और ईराक जैसे देशों का सहारा ले रहे हैं। जो पहले से ही आतंक की गिरफ्त में हैं। 7 अक्टूबर को इजराइल-हमास जंग शुरू होने के बाद इराक-सीरिया में अमेरिका पर 140 से ज्यादा बार हमला हुआ है।

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