दो करोड़ की धान गायब करने का आरोप, कंपनी के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज
ओपन कैब से दो करोड़ धान गायब होने के मामले में गो ग्रीन कंपनी पर मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉपोर्रेशन द्वारा कार्रवाई स्वागत योग्य है,लेकिन उन अधिकारियों को साफ बचाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं,जिन पर इस कंपनी के कामकाज की मॉनीटरिंग करने का जिम्मा था। सोचने वाली बात ये भी है कि दो करोड़ की धान गायब होने में एक-दो दिन का समय तो लगा नहीं होगा इसलिए जब ये सिलसिला शुरु हुआ था तभी शिकंजा क्यों नहीं कसा गया।-गिरफ्तारी भी हो सकती है
हृदयनगर के ओपन कैप से गायब हुई के मामले में गो-ग्रीन कंपनी के सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कहा जा रहा है कि सीईओ संतोष साहू को गिरफ्तार कर सकती है। गोसलपुर थाने में गो-ग्रीन कंपनी के सीईओ के खिलाफ 406, 409,34 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 14 दिसंबर 2021 को गुजरात की गो-ग्रीन कंपनी के साथ मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन ने अनुबंध किया था। धान को हृदय नगर कैब में रखकर उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीईओ की थी। ये एफआईआर एसआर निमोदा, जिला प्रबंधक मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉपोर्रेशन की लिखित शिकायत पर की गयी। वर्ष 2021-22 में जिले के ओपन कैप में धान का भंडारण हेतु पीएमएस योजना के तहत मैसर्स गो-ग्रीन वेयर हाउस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अनुबंध किया गया था। इसके ओपन कैप पर भंडारित धान का सुरक्षित रखरखाव और संचालन का काम कंपनी का था। गो-ग्रीन कंपनी के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर अनुचित लाभ कमाने के प्रयोजन से गंभीर लापरवाही की गई। जिससे शासकीय धान खराब हो गई। शिकायत के अनुसार, ग्राम हृदयनगर ओपन कैप में 14 दिसंबर 2021 को अनुबंध कर धान भण्डारण शुरू हुआ था। 19 अक्टूबर 23 की स्थिति में ओपन कैप में कुल 7390.560 मीट्रिक टन धान का भण्डारण होकर कुल 5916, 424 मीट्रिक टन धान की निकासी हुई। शेष धान की मात्रा 1474.136 में से (2 प्रतिशत मान्य कमी को छोड़कर) शेष 1326.325 मीट्रिक टन धान कुल कीमती (19400 प्रति मीट्रिक टन की दर से कुल कीमती 2 करोड़ 57 लाख 30 हजार 705 रुपए कीमती धान का) डायरेक्टर संतोष साहू ग्रो-ग्रीन वेयर हाउस प्रायवेट लिमिटेड एवं उनकी कमियों द्वारा खुर्द-बुर्द किया गया। इससे शासन को आर्थिक क्षति हुई है।

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