मनीष तिवारी भी हाथ छुड़ाने की फिराक में! - दा त्रिकाल

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Sunday, February 18, 2024

मनीष तिवारी भी हाथ छुड़ाने की फिराक में!

बीजेपी के संपर्क में होने की अटकलें

कमलनाथ के बाद क्या मनीष तिवारी भी कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले हैं? सियासी गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है। हालांकि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के करीबी सूत्रों ने इस खबर को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके बीजेपी के संपर्क में होने की बात बिल्कुल 'निराधार और बेबुनियादÓ है।

दरअसल ऐसी अटकलें हैं कि पंजाब की आनंदपुर सीट से कांग्रेस के सांसद तिवारी बीजेपी के संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह लुधियाना लोकसभा सीट से इस बार कमल के निशान पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। तिवारी इससे पहले लुधियाना संसदीय सीट का ही प्रतिनिधित्व करते थे।

हालांकि मनीष तिवारी के ऑफिस ने इन अटकलों को खारिज किया है। तिवारी के ऑफिस ने बयान जारी कर कहा, 'उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें निराधार हैं। मनीष तिवारी अपने निर्वाचन क्षेत्र में हैं और वहां विकास कार्यों की देखरेख कर रहे हैं। कल रात, वह एक कांग्रेस कार्यकर्ता के घर पर रुके थे।Ó

कमलनाथ के बीजेपी में जानें की अटकलें तेज-


इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें बेहद तेजी से जोर पकड़ रही है। इस अटकलों को शनिवार को उस वक्त और बल मिल गया जब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ऐसी कोई बात होगी, तो वह इसकी जानकारी पहले मीडिया को देंगे।

दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश से संबंधित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कमलनाथ के भाजपा के साथ जाने की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि उनका पार्टी एवं गांधी-नेहरू परिवार से कई दशक पुराना रिश्ता है। हालांकि इस बीच कमलनाथ के बेटे और कांग्रेस सांसद नकुलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने परिचय से कांग्रेस का जिक्र हटा दिया। 'एक्सÓ पर नकुलनाथ के परिचय में अब सिर्फ इतना लिखा है कि वह छिंदवाड़ा के सांसद हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने दोहराया...कमलनाथ के लिए जगह नहीं-
 

इधर मध्य प्रदेश बीजेपी के कद्दावर नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात को एक बार फिर दोहराते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश बीजेपी में कमलनाथ के लिए कोई जगह नहीं है। अगर दिल्ली में उनकी बात चल रही है तो वो और बात है, लेकिन मध्य प्रदेश बीजेपी में उनके लिए दरवाजे पहले की तरह बंद हैं।

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