उम्र की सीमा बढ़ाई, जारी रहेगी पढ़ाई - दा त्रिकाल

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Tuesday, November 28, 2023

उम्र की सीमा बढ़ाई, जारी रहेगी पढ़ाई

हजारों छात्रों को बड़ी राहत, अब करा सकेंगे नामांकन, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश

जबलपुर। 

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूली छात्रों को बड़ी राहत दी है। यह राहत नामांकन में उम्र के बंधन में छूट के रूप में मिली है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि अब 31 दिसंबर, 2010 के बाद जन्म लेने वाले विद्यार्थियों का नवमी कक्षा में नामांकन किया जा सकेगा। स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्णय से जिले के एक हजार छात्रों को राहत मिली है। सम्भागीय शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से जिले के सभी स्कूलों के प्रभारियों को निर्देश जारी कर नामांकन से वंचित छात्रों की लिस्टिंग कर नामांकन प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जिससे वे 31 दिसंबर तक नामांकन करा सकें। दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु पांच वर्ष तय की गई है। इसके लिए हर साल राज्य शिक्षा केंद्र निर्देश जारी करता है। इसके अनुसार माशिमं ने भी नवमी के नामांकन में न्यूनतम आयु 13 साल (5 प्लस 8) तय की है।

-ये मुश्किल आ रही थी सामने
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग प्रारम्भिक कक्षा के नाम पर बच्चों को तीन से पांच साल की उम्र में आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रवेश दिलाता है। इसके बाद विद्यार्थी न्यूनतम पांच से सात साल की उम्र में पहली कक्षा में प्रवेश लेते हैं। आठवीं पास करने के बाद विद्यार्थियों की उम्र 13 साल होनी चाहिए, लेकिन राज्य शिक्षा केंद्र ने पहली कक्षा में न्यूनतम आयु पांच वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दे दिया। इससे आठवीं तक निरंतर पढ़ते हुए इस साल हजारों विद्यार्थियों की उम्र 12 साल के आसपास है। अब इन विद्यार्थियों का नवमी में नामांकन होना है। नवमी में 13 साल से कम उम्र के विद्यार्थियों का मंडल में नामांकन नहीं हो पा रहा था। इसके चलते स्कूल शिक्षा विभाग ने इस सत्र में उम्र के बंधन में छूट प्रदान की है।

प्रश्न पत्र के दो-दो सेट बनेंगे-
जिले के सरकारी स्कूलों की नौवीं से 12वीं तक की छमाही परीक्षा छह दिसंबर से होगी। इनका प्रश्नपत्र बोर्ड पैटर्न पर तैयार कराया जा रहा है। हिंदी व अंग्रेजी में दो सेट ए और बी विर्मश पोर्टल पर एक दिसंबर को अपलोड कर दिए जाएंगे। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने प्रश्नपत्र निर्माण और परीक्षा आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि नवंबर तक जो पढ़ाया जा चुका है, जितना पाठ्यक्रम पूरा हुआ है उसे कवर किया जाएगा। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीइओ) अपने जिले के दो प्राचार्य की समिति बनाकर आवश्यकतानुसार शेष प्रश्न पत्रों के माध्यमवार दो-दो सेट योग्य शिक्षकों से तैयार करवाएंगे। एक कक्षा के आधे विद्यार्थियों को ए और आधे को बी सेट प्रदान किया जाएगा। इसी के साथ जिला स्तर पर नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रश्नपत्रों का निर्माण भी किया जाएगा।

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