सबसे तेज नतीजे देगा इनकोर पोर्टल - दा त्रिकाल

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Tuesday, November 28, 2023

सबसे तेज नतीजे देगा इनकोर पोर्टल


ईसीआई, सीईओ एमपी की वेबसाइट पर भी चुनाव परिणाम रहेंगे अपडेट

जबलपुर। 

भारत निर्वाचन आयोग ने तीन दिसम्बर को होने वाली विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान हर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना रिपोर्ट देने के लिए इनकोर पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल के माध्यम से वोट काउंटिंग की राउंडवार जानकारी उम्मीदवारों, राजनैतिक दलों तथा आमजनता को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि मतगणना केन्द्र में इसके लिए अलग से कम्प्यूटर आपरेटर तथा अधिकारी विधानसभावार तैनात करेंगे ताकि हर राउंड की मतगणना की मतदान केन्द्रवार अपडेट जानकारी दर्ज की जा सके। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर कलेक्टर और जिला निर्वाचन पदाधिकारियों ने जिलों में प्रशिक्षण देने का काम भी शुरू किया है।

-ऐसे करेगा काम
इस दौरान इनकोर पोर्टल में सबसे पहले ईटीबीपीएस से प्राप्त डाक मतपत्रों की जानकारी तीन दिसम्बर को प्रात: 8 बजे से दर्ज की जाएगी। इसके लिए आयोग द्वारा जारी प्रपत्र स्कैन करके पोर्टल में अपलोड किए जाएंगे। ईटीपीबीएस डाक मतपत्र के सभी प्रपत्र अपलोड करने के बाद रिटर्निंग अफसर द्वारा उन्हें मान्य कर दर्ज किया जाएगा। इनकोर पोर्टल में जानकारी दर्ज करने के लिए रिटर्निंग आफीसर को लॉगिन की सुविधा दी गई है। इसमें हर राउंड की मतगणना के बाद मतगणना टेबिल क्रमांक के अनुसार हर उम्मीदवार को मिले मतों की संख्या दर्ज की जाएगी। इसके बाद एक राउंड की गिनती समाप्त होने पर दर्ज पोर्टल में मतों की संख्या का प्रिंट आउट लेकर उसे रिटर्निंग अधिकारी को दिया जाएगा जिसकी स्वीकृति के बाद उसे पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा।

गलती हुई तो एडिट भी होगा-
यदि किसी टेबिल की ईवीएम की किसी भी कारण से मतों की गणना नहीं की जा रही है तो उसमें कुछ भी दर्ज नहीं होगा। साथ ही यदि किसी टेबिल के मतों की जानकारी दर्ज करने में गलती हो गई है तथा आगे के चक्रों की मतगणना के परिणाम दिए जा चुके हैं तो रिटर्निंग आफीसर एडिट आप्शन से सही जानकारी दर्ज कर सकेंगे लेकिन जिस चक्र में गलती हुई है उसके बाद के सभी चक्रों की जानकारी तथा परिणाम पुन: देने होंगे। इनकोर पोर्टल में मतगणना की जानकारी दर्ज करने के लिए दो दिसम्बर को ही सभी तैयारियाँ पूरी कर लेने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि जिस कमरे में जानकारी दर्ज की जाए वहाँ हाई स्पीड इंटरमनेट की निर्बाध सुविधा आवश्यक होगी। साथ ही विद्युत आपूर्ति के लिए पावर बैकप की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखना होगा। किसी भी स्थिति में पावर सप्लाई बंद नहीं होनी चाहिए। मतगणना समाप्त होने के बाद इसी पोर्टल से उम्मीदवार के लिए प्रमाण पत्र भी जनरेट होगा। रिटर्निंग आफीसर के हस्ताक्षर होने के बाद इसे स्कैन करके पोर्टल में अपलोड करना होगा।

काउंटिंग के पहले पता चलेगा ड्यूटी कहां है-
मतगणना केन्द्र पर चलेगा पता किसको किस विधानसभा, किस टेबिल पर करनी है वोट काउंटिंग जबलपुर। विधानसभा चुनाव के लिए जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है उन्हें 3 दिसम्बर को ही पता चलेगा कि उनकी ड्यूटी किस विधानसभा की मतगणना के लिए लगाई गई है। मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के चलते निर्वाचन आयोग ने ये निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए हैं। आयोग की ओर से कहा गया है कि मतगणना के लिए नियुक्त अधिकारियों कर्मचारियों को मतगणना स्थल पहुंचने पर ही यह बताया जाये कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र की किस टेबल पर मतों की गणना करनी है। आयोग द्वारा जारी मतगणना निर्देशों के मुताबिक मतगणना कार्य से संबद्ध सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मतगणना स्थल में प्रवेश के लिए परिचय पत्र जारी किये जायेंगे। मतगणना के दिन मतगणना अधिकारियों को मतगणना केन्द्र पर प्रात: 6 बजे पहुंचना होगा। गोपनीयता की दृष्टि से इन अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र या मतगणना टेबल नंबर की जानकारी पहले से नहीं दी जायेगी। चुनाव आयोग के प्रेक्षक तथा जिला निर्वाचन अधिकारी मतगणना के लिए प्रात: 5 बजे एक स्थान पर तीसरे और अंतिम चरण के रेण्डमाईजेशन हेतु एकत्रित होंगे। इसी समय जिला निर्वाचन अधिकारी मतगणना हेतु जिले के प्रशिक्षित अधिकारियों कर्मचारियों की सूची प्रेक्षकों को सौंपेंगे। इसमें गणना पर्यवेक्षक तथा अन्य गणना सहायकों के नामों की सूची होगी। इस दौरान प्रत्येक गणना अधिकारी को एक यूनिक सीरियल नंबर या कोड दिया जायेगा, जो एक तरह से लेवल्ड रहेगा जिससे यह पता चलेगा कि उसमें उसकी श्रेणी मतगणना पर्यवेक्षक की है या मतगणना सहायक की।

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