जबलपुर में सराफा कारोबारियों की सारी मांगे मंजूर, अब नहीं रहेंगे चुनाव से दूर - दा त्रिकाल

Breaking

World

Monday, November 6, 2023

जबलपुर में सराफा कारोबारियों की सारी मांगे मंजूर, अब नहीं रहेंगे चुनाव से दूर



शहर में त्यौहारी सीजन में सराफा कारोबारियों पर की जा रही कार्यवाही से सराफा एसोसिएशन ने चुनाव में मतदान का बहिष्कार कर दिया था। सराफा कारोबारियों की मांगों को मान लिया गया है, जिसके चलते एसोसिएशन ने आंदोलन समाप्त करते हुए चुनाव के बहिष्कार न करने का फैसला लिया है।

सराफा ऐसोसिएशन के अध्यक्ष राजा सराफा ने बताया कि सर्राफा एसोसिएशन जबलपुर, महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स, जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स व केंट व मुख्य शहर के प्रमुख बाजार के 16 संगठनों के सहयोग से चुनाव आचार संहिता में जो व्यापारियों के साथ दीपावली के सीजन में जीएसटी विभाग द्वारा जो रेट की कार्रवाई की जा रही थी। उसे लेकर कई बार चुनाव आयोग कलेक्टर, एसपी व अन्य अधिकारियों से मुलाकात करने के बाद भी हमें सहयोग नहीं मिल रहा था। जिसके चलते सराफा एसोसिएशन जबलपुर को चुनाव बहिष्कार जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। इस बहिष्कार में जबलपुर की सभी व्यापारिक संस्थाएं शामिल हुई। कारोबारियों के आंदोलन व चुनाव के बहिष्कार को लेकर मध्य प्रदेश के उच्च अधिकारियों द्वारा जबलपुर के अधिकारियों द्वारा चर्चा के उपरांत आज आमसभा में अधिकारियों को भेजा गया और हमारी वह तीनों मांग मान ली गई। सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि अब हम पूर्व की तरह लोकतंत्र के इस महायज्ञ में अपना सहयोग प्रदान करेंगे। आज की बैठक में अधिकारियों की ओर से कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव, टीआई राजेश सिंह बंजारे, महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स के शंकर नागदेव, युवराज गढ़वाल, अखिल मिश्रा, जबलपुर चैंबर से अजय बख्तावर, एडवोकेट अभिषेक स्वामी, केंट से जितेंद्र पचौरी, दीपक सेठी, जेम्स एंड ज्वेलर्स से अशीष कोठारी, अरुण अग्रवाल, संदीप भूरा, विजय सुहाने, सुशील सोनी, अमित अग्रवाल, महेंद्र ओसवाल, केके सुहाने, संतोष देवांश, ओम सोनी, दीपक सोनी, बालकृष्ण सराफ, विवेक सुहाने, सतीश केसरवानी, विवेक सराफ, सुरेंद्र सोनी, अकलंक जैन, हर्षित अग्रवाल, नवीन सराफ आदि सर्राफा व्यापारी उपस्थित रहे।

सराफा व्यापारियों के परिचय पत्र बनेंगे-
मध्य प्रदेश में हाट बाजार का चलन है, जो हमारे व्यापारी हाट बाजार सोने-चांदी के जेवर लेकर जाते हैं। दिनभर बिक्री करने के बाद उनके पास नगद राशि भी रहती है। जो स्थानीय व्यापारी दिनभर बिक्री के बाद अपनी रकम बैंकों में जमा करने जाते हैं उनके साथ सहानुभूति पूर्वक सहयोग व करवाई ना की जाए। दीपावली के सीजन में किसी भी प्रकार की रेड या जांच की कार्रवाई न हो। इन सब मांगों को स्वीकार करने के बाद सराफा एसोसिएशन ने अपना आंदोलन चुनाव बहिष्कार मतदान बहिष्कार वापस ले लिया है।

No comments:

Post a Comment