पुलिस ने बताया 17 अक्टूबर को आलोक मिश्रा निवासी आकर्ष टाउनशिप विजयनगर ने लिखित शिकायत की कि वह पेशे से अधिवक्ता हैं। 17 अक्टूबर को ऋण वसूली अधिकरण सिविल लाईन जबलपुर में अपने गूगल पे एप की लिमिट बढ़ाने के लिये गूगलपे एप के कस्टमर केयर अधिकारी से मोबाइल पर सम्पर्क किया। उसने लिमिट बढ़ाने की आश्वासन देते हुए उसे 2 मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। उसने मोबाइल पर दोनों एप डाउनलोड किये, जिसके बाद उसके खाते से 98274 रूपये डिबिट हुये, कुछ देर बाद वापस आ गये। उसके बाद 47448 रूपये 2 बार डिबिट हुये जिसमें से 47448 एक बार उसके खाते मे वापस आ गये एवं पुन: 24994 रूपये डिबिट हुये जो फिर वापस आ गये एवं उसके बाद 47448 पुन: डिबिट हुये जो कि वापस नहीं आये। इस प्रकार उसके खाते में से 47448 रूपये 2 बार डेबिट हुये थे। जो वापस उसके खाते में नहीं आये, इसी प्रकार उसके खाता जो कि केनरा बैंक विजयनगर शाखा में है उस खाते से 47448 डिबिट हुये जो वापस नहीं आये हैं। इस प्रकार उसके बैंक खाते से कुल 1 लाख 42 हजार 344 रूपये धोखाधड़ी करते हुए निकाल ली गयी। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामल दर्ज करते हुए विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया 17 अक्टूबर को आलोक मिश्रा निवासी आकर्ष टाउनशिप विजयनगर ने लिखित शिकायत की कि वह पेशे से अधिवक्ता हैं। 17 अक्टूबर को ऋण वसूली अधिकरण सिविल लाईन जबलपुर में अपने गूगल पे एप की लिमिट बढ़ाने के लिये गूगलपे एप के कस्टमर केयर अधिकारी से मोबाइल पर सम्पर्क किया। उसने लिमिट बढ़ाने की आश्वासन देते हुए उसे 2 मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। उसने मोबाइल पर दोनों एप डाउनलोड किये, जिसके बाद उसके खाते से 98274 रूपये डिबिट हुये, कुछ देर बाद वापस आ गये। उसके बाद 47448 रूपये 2 बार डिबिट हुये जिसमें से 47448 एक बार उसके खाते मे वापस आ गये एवं पुन: 24994 रूपये डिबिट हुये जो फिर वापस आ गये एवं उसके बाद 47448 पुन: डिबिट हुये जो कि वापस नहीं आये। इस प्रकार उसके खाते में से 47448 रूपये 2 बार डेबिट हुये थे। जो वापस उसके खाते में नहीं आये, इसी प्रकार उसके खाता जो कि केनरा बैंक विजयनगर शाखा में है उस खाते से 47448 डिबिट हुये जो वापस नहीं आये हैं। इस प्रकार उसके बैंक खाते से कुल 1 लाख 42 हजार 344 रूपये धोखाधड़ी करते हुए निकाल ली गयी। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामल दर्ज करते हुए विवेचना शुरू कर दी है।

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