नेपाल में आए विनाशकारी भूंकप का असर
नेपाल में शुक्रवार रात 11.32 बजे 6.4 तीव्रता का भूकंप आया। जिसका असर मध्य प्रदेश के कई जिलों में देर रात महसूस किया गया। धरती में कंपन महसूस होने के बाद दहशत में लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप से किसी भी तरह के कोई नुकसान या किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। शुक्रवार करीब 11.30 बजे के बाद प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और रीवा समेत अन्य शहरों में भूकंप के हलके झटके महसूस किए गए। देर रात होने के चलते लोग घरों में आराम से सो रहे थे। अचानक भूकंप के झटके लगने के बाद लोग आधी रात को अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर एकत्रित हो गए। प्रदेश में कुछ जगह भूकंप की तीव्रता 3.9 महसूस की गई। आगर मालवा और मुरैना जिले के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किया गए। अभी तक प्रदेश में कोई बड़ा नुकसान होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। नेशनल सेंटर फॉर सिसमोलॉजी के मुताबिक नेपाल में भूकंप की तीव्रता 6.4 की थी। इसका केंद्र नेपाल के जाजरकोट में था। भूकंप से जाजरकोट और रुकुम पश्चिम में बड़ा नुकसान हुआ है।जबलपुर में भी भूकंप के झटके से हिली धरती-
शुक्रवार की रात जब भूकंप के झटका धरती के नीचे से गुजरा, उस वक्त जो लोग सो चुके थे, उन्हें सुबह ही पता चला कि भूकंप आया था,लेकिन जिन लोगों ने रात में भी भूकंप को महसूस किया था, वे रात भर नहीं सोए। भूकंप की तीव्रता 3.2 दर्ज की गई है। भूकंंप के झटके महसूस किए और 22 मई, 1997 को आए भूकंप की यादें ताजा हो गईं, तब बहुत तबाही मची थी। लोग कई दिनों तक घर के अंदर नहीं गए थे। घर के बाहर ही सोते थे।

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