पत्रकार सौम्या विश्वनाथन के हत्यारों को उम्रकैद - दा त्रिकाल

Breaking

World

Saturday, November 25, 2023

पत्रकार सौम्या विश्वनाथन के हत्यारों को उम्रकैद

30 सितम्बर 2008 में दिल्ली में चार लोगों ने की थी हत्या

दिल्ली की एक अदालत ने टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के लिए चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया गया है। शुक्रवार को दोषियों की सजा पर बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला 25 नवंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था। एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार चैनल में काम करने वाली विश्वनाथन की 30 सितंबर, 2008 की सुबह दक्षिणी दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग पर गोली मारकर उस वक्त हत्या कर दी गई थी, जब वे काम से घर लौट रही थीं। पुलिस ने दावा किया कि मकसद डकैती था।

जानिए पूरा मामला-
अभियोजन पक्ष के अनुसार कपूर ने 30 सितंबर, 2008 को दक्षिण दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग पर पीड़ित की कार को लूटने के लिए उसका पीछा करते समय विश्वनाथन को देशी पिस्तौल से गोली मार दी थी। कपूर के साथ शुक्ला, कुमार और मलिक भी थे। पुलिस ने सेठी उर्फ चाचा से हत्या में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली।

जानकारी के अनुसार, अदालत ने दोषी रवि कपूर, अमित शुक्ला, अजय कुमार और बलबीर मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी दोषियों के शपथ पत्रों के सत्यापन के संबंध में अतिरिक्त रिपोर्ट सचिव, दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), दक्षिण, साकेत कोर्ट से प्राप्त हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार पांडे ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि इसकी एक प्रति राज्य के सरकारी वकील के साथ-साथ दोषियों के संबंधित वकील को भी दी जाए। उन्होंने कहा कि अभियोजक और दोषियों के वकीलों की सजा पर बहस पूरी हो चुकी है।

सात नवंबर को अदालत ने यह देखते हुए मामले को स्थगित कर दिया कि दोषियों द्वारा दायर हलफनामों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है। इससे पहले 18 अक्टूबर को अदालत ने रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक और अजय कुमार को धारा 302, और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) प्रावधानों के तहत संगठित अपराध करने के लिए दोषी ठहराया था।

वहीं, मामले में पांचवें आरोपी अजय सेठी को धारा 411 और मकोका प्रावधानों के तहत संगठित अपराध को बढ़ावा देने, सहायता करने या जानबूझकर मदद करने और संगठित अपराध की आय प्राप्त करने की साजिश रचने के लिए दोषी ठहराया गया था।

No comments:

Post a Comment