तीन नाम अंतिम दौड़ में, राजभवन करेगा फैसला
जबलपुर।रानी दुर्गावती विवि के नए कुलपति के लिए प्रक्रिया अब अंतिम चरण में हैं। किसी भी समय राजभवन भोपाल से नाम का ऐलान हो सकता है। इस बीच खबर है कि कुलपति के लिए जिन अभ्यर्थियों के इंटरव्यू एकदम बेहतरीन रहे हैं उनका नाम उस लिफाफे में नहीं है,जो राजभवन भेजा गया है। अब क्या सही है और क्या गलत, ये तो पता नहीं, लेकिन विवि के गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं सरगर्म हो रही हैं। गौरतलब है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति के चयन को लेकर इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं अब समिति चयन ने तीन नामों को भी तय कर लिया हैं। जिसके बाद सूची को राजभवन भेजा गया है। जानकारों की माने तो सूची राजभवन भी पहुंच गई है।
-किसका नाम है, किसका नहीं
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसरों का नाम भी सूची में शामिल है। वहीं एक प्रोफेसर उत्तरप्रदेश से भी जुड़े हुए हैं जिनका नाम भी सूची में शामिल है। हालाकि किसके नाम शामिल हंै और किसके नहीं। यह प्रोफेसर अभी कहने से कतरा रहे हैं। लेकिन कुछ प्रोफेसर का कहना है हमारा इंटरव्यू अच्छा गया है। कहीं न कहीं सूची में हमारा भी नाम भेजा गया है। गौरतलब हैं कि 30 नवंबर को कुलपति कपिल देव मिश्र का कार्यकाल पूरा होने वाला है। जिसको लेकर नए कुलपति बनने के जद्दोजहद में 66 आवेदन विश्वविद्यालय में पहुंचे थे। जिसमें से 15 लोगों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। जिसमें से अब चयन समिति ने तीन नाम पर मोहर लगाते हुए सूची को राजभवन पहुंचा दिया है। वहीं अब एक नाम पर अंतिम मोहर जल्द ही लग जाएगी।
-कहीं मायूसी, कहीं खुशी
नए कुलपति चयन के लिए जबलपुर से तीन प्रोफसर ने दावेदारी पेश की है। इसमें से दो रादुविवि से जुड़े हैं। एक प्रोफेसर शासकीय कॉलेज में पदस्थ हैं। इन सभी का पैनल ने साक्षात्कार लिया है। जानकारों के अनुसार विश्वविद्यालय से दो सीनियर प्रोफेसरों ने भी आवेदन दिया था लेकिन साक्षात्कार में उन्हें नहीं बुलाया गया था। सूत्रों के अनुसार बंद लिफाफे में जबलपुर से जुड़े दो प्रोफेसर के अलावा एक यूपी से जुड़े प्रोफेसर का नाम शामिल है। इनका एक संगठन विशेष में भी अच्छा खासा दखल माना जाता है। सर्च कमेटी की ओर से जबलपुर के प्रोफेसर्स को चयन प्रक्रिया के लिए साक्षात्कार में आमंत्रित नहीं किया जाना चर्चा का विषय है। विवि से जुड़े कई प्रोफेसर वरिष्ठ और अनुभवी भी हैं। उन्होंने संस्थान हित में कई बेहतरीन कार्य किए। उन्होंने कार्यों की रिपोर्ट भी ऑनलाइन सबमिट की। लेकिन, सर्च कमेटी ने साक्षात्कार में उन्हें नहीं बुलाया।
-किसका नाम है, किसका नहीं
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसरों का नाम भी सूची में शामिल है। वहीं एक प्रोफेसर उत्तरप्रदेश से भी जुड़े हुए हैं जिनका नाम भी सूची में शामिल है। हालाकि किसके नाम शामिल हंै और किसके नहीं। यह प्रोफेसर अभी कहने से कतरा रहे हैं। लेकिन कुछ प्रोफेसर का कहना है हमारा इंटरव्यू अच्छा गया है। कहीं न कहीं सूची में हमारा भी नाम भेजा गया है। गौरतलब हैं कि 30 नवंबर को कुलपति कपिल देव मिश्र का कार्यकाल पूरा होने वाला है। जिसको लेकर नए कुलपति बनने के जद्दोजहद में 66 आवेदन विश्वविद्यालय में पहुंचे थे। जिसमें से 15 लोगों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। जिसमें से अब चयन समिति ने तीन नाम पर मोहर लगाते हुए सूची को राजभवन पहुंचा दिया है। वहीं अब एक नाम पर अंतिम मोहर जल्द ही लग जाएगी।
-कहीं मायूसी, कहीं खुशी
नए कुलपति चयन के लिए जबलपुर से तीन प्रोफसर ने दावेदारी पेश की है। इसमें से दो रादुविवि से जुड़े हैं। एक प्रोफेसर शासकीय कॉलेज में पदस्थ हैं। इन सभी का पैनल ने साक्षात्कार लिया है। जानकारों के अनुसार विश्वविद्यालय से दो सीनियर प्रोफेसरों ने भी आवेदन दिया था लेकिन साक्षात्कार में उन्हें नहीं बुलाया गया था। सूत्रों के अनुसार बंद लिफाफे में जबलपुर से जुड़े दो प्रोफेसर के अलावा एक यूपी से जुड़े प्रोफेसर का नाम शामिल है। इनका एक संगठन विशेष में भी अच्छा खासा दखल माना जाता है। सर्च कमेटी की ओर से जबलपुर के प्रोफेसर्स को चयन प्रक्रिया के लिए साक्षात्कार में आमंत्रित नहीं किया जाना चर्चा का विषय है। विवि से जुड़े कई प्रोफेसर वरिष्ठ और अनुभवी भी हैं। उन्होंने संस्थान हित में कई बेहतरीन कार्य किए। उन्होंने कार्यों की रिपोर्ट भी ऑनलाइन सबमिट की। लेकिन, सर्च कमेटी ने साक्षात्कार में उन्हें नहीं बुलाया।

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