कमेटी के चेयरपर्सन ने शब्दों से उनका वस्त्रहरण किया- महुआ मोइत्रा - दा त्रिकाल

Breaking

World

Friday, November 3, 2023

कमेटी के चेयरपर्सन ने शब्दों से उनका वस्त्रहरण किया- महुआ मोइत्रा




पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में घिरीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा इन दिनों सवालो के घेरे में घिरी हुई है। सांसद 2 नवंबर को सुबह 10:50 बजे संसद की एथिक्स कमेटी के दफ्तर पहुंची थीं। पूछताछ को बीच में ही छोड़कर महुआ करीब पौने 4 घंटे बाद कमेटी के दफ्तर से नाराज होकर बाहर चली आई। उन्होंने कमेटी के चेयरमैन पर अपमानजनक सवाल पूछने के आरोप लगाए।

महुआ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा- कमेटी के चेयरपर्सन विनोद सोनकर ने बाकी सदस्यों के सामने शब्दों से उनका वस्त्रहरण किया और जानबूझकर अपमानजनक सवाल किए।

महुआ के इन आरोपों पर BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- एथिक्स कमेटी अध्यक्ष सोनकर ने महुआ से टिकट व होटल का बिल मांगा था। यदि इसके अलावा उन्होंने महुआ के किसी भी पुरुष मित्र या होटल में उसके साथ रुकने का प्रश्न पूछा होगा तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।

चेयरमैन की तुलना धृतराष्ट्र से-

TMC ने एथिक्स कमेटी के चेयरमैन की तुलना धृतराष्ट्र से की। वहीं बाकी सदस्यों को दुर्योधन बताया। मंत्री शशि पांजा ने कहा- पैनल ने एक निर्वाचित महिला सांसद के खिलाफ सुनवाई के दौरान उनका अपमान किया। जब पैनल के सदस्य दुर्योधन की तरह आनंद ले रहे थे, तो अध्यक्ष धृतराष्ट्र की तरह बैठे थे।

कांग्रेस के सांसद उत्तम रेड्डी ने कहा कि महुआ मोइत्रा को निशाना बनाया जा रहा है। मैंने महुआ मोइत्रा से कोई असंसदीय भाषा नहीं सुनी है। निशिकांत दुबे को भाजपा, महुआ पर निशाना साधने के लिए प्वाइंट मैन के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।

क्या है पूरा मामला-

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और तोहफे लिए थे। इस मामले को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया।

निशिकांत ने 21 अक्टूबर को महुआ पर एक और गंभीर आरोप लगाया। निशिकांत ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा- कुछ पैसों के लिए एक सांसद ने देश की सुरक्षा को गिरवी रख दिया। मैंने इसे लेकर लोकपाल से शिकायत की है।

उन्होंने कहा कि दुबई से संसद की ID खोली गई, जबकि उस वक्त वो कथित सांसद भारत में ही थीं। इस नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) पर पूरी भारत सरकार है। देश के प्रधानमंत्री, वित्त विभाग, केंद्रीय एजेंसी यहां हैं। क्या अब भी TMC व विपक्षी दलों को राजनीति करनी है। निर्णय जनता का है। NIC ने यह जानकारी जांच एजेंसी को दे दी है।

एथिक्स कमेटी ने 27 अक्टूबर को महुआ को समन भेजा और 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। महुआ ने इसी दिन एथिक्स कमेटी को लिखा था कि वे 5 नवंबर के बाद ही मौजूद हो पाएंगी। 28 अक्टूबर को एथिक्स कमेटी ने महुआ को 2 नवंबर को पेश होने को कहा।

No comments:

Post a Comment