मतगणना की तैयारियों में जुटे जबलपुर के अफसरान, सौंपी जा रही जिम्मेदारियां
तीन दिसंबर को होने जा रही मतगणना की तैयारियां तेज हो गई है। मतगणना केंद्र में प्रवेश से लेकर एजेंट बनाने संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि केंद्र एवं राज्य शासन के मंत्रिगणों, संसद सदस्यों, विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय निकायों, सहकारी संस्थाओं एवं शासकीय उपक्रमों के अध्यक्षों के भी उम्मीदवारों के गणना एजेंट बनने पर रोक लगाई गई है । स्थानीय संस्था के अध्यक्ष, नगर निगम के महापौर, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष, जिला पंचायत एवं पंचायत समिति के अध्यक्ष आदि प्रत्याशी के गणना एजेंट नियुक्त नहीं किए जा सकेंगे ।-नियुक्त किए गये अतिरिक्त रिटर्निंग अधिकारी
मतगणना के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने आठों विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्ति किए हैं। कलेक्टर ने पाटन विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के लिए नायब तहसीलदार दीपक पटेल, बरगी के लिए नायब तहसीलदार कल्याण सिंह क्षत्री, जबलपुर पूर्व के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख सरफराज अली, जबलपुर उत्तर के लिये डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, जबलपुर कैंट के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख अंकिता जैन, जबलपुर पश्चिम के लिये डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी, पनागर के लिए नायब तहसीलदार सुनीता मिश्रा को नियुक्त किया है। वहीं सिहोरा की मतगणना के लिए नायब तहसीलदार गोरेलाल मरावी को सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है।
-कौन जाएगा, कौन नहीं
राज्य एवं केन्द्र शासन के मंत्रियों अथवा राज्य मंत्रियों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंत्रीगण केवल उस स्थिति में ही मतगणना केंद्रों में प्रवेश पा सकेंगे जबकि वो खुद विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार हों। वो केवल उसी विधानसभा क्षेत्र के मतगणना कक्ष में प्रवेश कर सकेंगे जहां से वे चुनाव लड़ रहे हैं। केंद्र एवं राज्य शासन के मंत्री अथवा राज्य मंत्री चूंकि सशस्त्र सुरक्षा गार्ड प्राप्त होते हैं इसलिए उनको किसी उम्मीदवार का चुनाव अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता भी नियुक्त नहीं किया जा सकेगा ।

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