मदर मिल्क डोनेट करने 100 किलोमीटर से आईं माताएं
जोधपुर।मां का दूध अमूल्य होता है। कई नवजात ऐसे भी होते हैं जिन्हें जन्म के बाद मां का दूध नहीं मिलता। इसकी वजह कुछ भी हो सकती है- माता की मौत, बच्चे को पैदा होते ही ठुकरा देना या फिर मां की मेडिकल कंडीशन बच्चे को दूध पिलाने की न हो। ऐसी स्थिति में नवजात बच्चे का जीवन बचाने के लिए जोधपुर में अनोखा डोनेशन कैंप लगाया गया। इस कैंप में 108 माताओं ने अपना दूध दान किया। लवकुश मदर मिल्क बैंक के लिए अपना दूध दान करने के लिए कई महिलाएं 100 किलोमीटर दूर से भी जोधपुर पहुंचीं। मदर मिल्क बैंक के लिए जोधपुर की नवजीवन संस्थान ने यह आयोजन किया था। संस्था के प्रभारी राजेंद्र परिहार ने बताया- नवजात बच्चों को मां का दूध न मिले तो उनके शरीर का पूरा विकास नहीं होता। कई बार बच्चों की मौत तक हो जाती है। ऐसे में मदर मिल्क बैंक के लिए गुरुवार को प्रसूता महिलाएं आगे आईं और अपना दूध डोनेट किया। मिल्क डोनेट करने आई एक महिला ने बताया- यहां आकर अच्छा लग रहा है। अनाथ बच्चों के लिए दूध दान कर संतोष मिल रहा है। मैं अब तक 4 बार मिल्क डोनेट कर चुकी हूं। बालेसर से आई ममता ने बताया- अब तक 15 से अधिक बार मिल्क डोनेट कर चुकी हूं। मिल्क डोनेट करने पर खुशी मिलती है, क्योंकि यह अनाथ बच्चों के काम आएगा। संस्थान से जुड़ी दो कार्यकर्ता महिलाओं तक पहुंचकर मिल्क कलेक्शन करती हैं।

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