जबलपुर में बैंक प्रबंधक व बिचौलियों द्वारा आम लोगों के साथ 6 करोड़ 90 लाख रूपये की धोखाधड़ी, ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर
चंद शातिर दलालों और बैंक अधिकारियों की घोटालेबाज जोड़ी ने आम लोगों के दस्तावेजों का अवैध उपयोग किया और देखते ही देखते करीब 7 करोड़ निगल गयी। ईओडब्ल्यू ने मामले में मिली शिकायत के बाद जांच की और एफआईआर दर्ज करते हुये जांच शुरु की। अनुमान है इस मामले में अभी और तहें खुलना बाकी हैं।
- नियम-कानून का कोई डर नहीं
जानकारी के अनुसार, आवेदक अमित श्रीवास्तव, उप-क्षेत्रीय प्रमुख, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, नेपियर टाउन, जबलपुर द्वारा अनावेदक रेेखा ट्रेडिंग कंपनी प्रोपराइटर श्रीमति रेखा नायक,सुरेश मथानी दलाल तथा तत्कालीन शाखा प्रबंधक कमल मिश्रा द्वारा मुद्रा, पीएमईजीपी एवं अन्य योजनाओं के तहत आमजन के नाम से स्वीकृत ऋण खातों में धोखाधड़ी कर अवैध रूप से लाभ कमाने के बारे में ईओडब्ल्यू मुख्यालय में इसी साल एक अगस्त को शिकायत दर्ज करायी गई थी। जिसकी जांच ईओडब्ल्यू के उप-पुलिस अधीक्षक श्री एवी सिंह द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि ऋण प्राप्त कर्ता रेखा ट्रेडिंग कंपनी प्रोप्राइटर श्रीमति रेखा नायक पति संतोष भोजक निवासी 588 सराफा खटीक मोहल्ला जबलपुर म.प्र. के नाम से पीएमईजीपी योजना के तहत ग्राम डोबी जिला मंडला में आटा मिल व्यवसाय के लिए सावधि ऋण10.45 लाख और कैश क्रेडिट रु 13.30 लाख ऋणकर्ता को स्वीकृत किये गए,जबकि आटा मिल आज तक स्थापित नहीं की गयी। इसी प्रकार जबलपुर के अनेक लोगों के आधार कार्ड, पेन कार्ड का उपयोग करके उन्हें मुद्रा लोन एवं पीएमइजीपी योजना के लोन के नाम पर राशि दिलाने का प्रलोभन देकर इनके नाम से 25-25 लाख रूपये (पीएमइजीपी योजना) एवं 10 लाख तक के मुद्रा योजना के लोन स्वीकृत कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई। कुल 690.64 लाख रूपये की धोखाधड़ी एवं गबन किया गया है।
-शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे
ईओडब्ल्यू एसपी आरडी भारद्वाज ने कहा कि अभी इस मामले में जांच जारी है और संभव है कि नए तथ्य सामने आएं। उन्होंने कहा कि ईओडब्ल्यू भ्रष्टाचार की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बेझिझक होकर शिकायत करें ताकि सच्चाई को सामने लाया जा सके।

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