ऐटीकेटी आने पर भी छात्रा को सिविल जज परीक्षा में शामिल होने की मिली अनुमति - दा त्रिकाल

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Wednesday, December 13, 2023

ऐटीकेटी आने पर भी छात्रा को सिविल जज परीक्षा में शामिल होने की मिली अनुमति

हाईकोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, दो छात्राओं को राहत नहीं

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ओबीसी वर्ग की एक अभ्यर्थी को एलएलबी में एटीकेटी मिलने पर भी सिविल जज परीक्षा में शामिल होने की अंतरिम अनुमति प्रदान की। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने मामले में राज्य शासन और हाईकोर्ट प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।

जबलपुर निवासी शिवानी सोनकर, दिव्या सोनकर एवं नरसिंहपुर निवासी वर्षा पटेल द्वारा सयुंक्त रूप से याचिका दायर की गई थी। जिसमें राज्य न्यायिक सेवा नियम 1994 के संशोधित नियम 7(ह) के उपबंध की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। दरअसल, नियम के अनुसार सिविल जज परीक्षा 2022 में पात्रता के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को एलएलबी में 70 फीसदी एग्रीगेट और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को 50 फीसदी एग्रीगेट आवश्यक है। इसी के साथ सभी विषयों को एक ही अटेम्प्ट में उत्तीर्ण करना भी अनिवार्य है। चूंकि प्रथम दो याचिकाकर्ताओं ने सभी विषय एक अटेम्प्ट में उत्तीर्ण नहीं किये, इसलिए उन्हें राहत नहीं दी जा सकती। वहीं वर्षा की ओर से दलील दी गई कि पहले उसने बरकतुल्ला विवि से एलएलबी प्रथम वर्ष उत्तीर्ण की। बाद में उसने देवी अहिल्या बाई विवि इंदौर से द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की। विश्वविद्यालय बदलने के कारण उसे पांच अतिरिक्त विषय की परीक्षा देनी पड़ी, जिस कारण एटीकेटी आई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।

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