बुद्धि लगाने से पहले मंदिर समिति की योजना पता करते - दा त्रिकाल

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Thursday, January 4, 2024

बुद्धि लगाने से पहले मंदिर समिति की योजना पता करते

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भाजपा के निशाने पर

राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे इस मुद्दे पर सियासत भी गरमाती जा रही है। ऐसे में रामलाल की मूर्ति पर सवाल उठाकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भाजपा के निशाने पर आ गए हैं। बीजेपी ने दिग्विजय सिंह को राम द्रोही करार दिया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने ट्वीट किया कि राम द्रोही दिग्विजय सिंह का नया पैंतरा देखिए। श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाली कांग्रेस के ये प्रतिनिधि जब श्रीराम मंदिर बनने से नहीं रोक पाए तो अब येन-केन-प्रकारेण विघ्न कैसे डाला जाए इसके लिए षड्यंत्र रच रहे हैं। ठीक उसी तरह जैसे त्रेता में संत महात्माओं के यज्ञ आदि पुण्य कार्यों में विघ्न डालने के लिए राक्षस कुंड में हड्डियां डाल जाते थे।

मंदिर की योजना तो पता कर लेते
अग्रवाल ने ट्वीट किया कि दिग्विजय सिंह इसी फिराक में रहते हैं कि श्रीराम मंदिर के निर्माण में अड़चन कैसे डाली जाए। उन्होंने ट्वीट किया कि अरे दिग्विजय जी, अपनी विघ्नकारी बुद्धि लगाने से पहले मंदिर समिति की योजना तो पता कर लेते। मंदिर समिति ने योजना बनाई है कि श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में नवीन तथा पुरानी दोनों मूर्तियां विराजमान होंगी। नवीन मूर्ति को अचल स्वरूप में 'स्थिर मूर्ति' तथा पुरानी को चल स्वरूप में उत्सव मूर्ति के रूप में विराजमान किया जाएगा। इसलिए अपनी दिमागी गंध फैलाने से बेहतर है कि राम-नाम जपिए। अभी 18 दिन शेष हैं, हो सकता है नामजप से पाप कम हो जाएं। दिग्गी राजा ध्यान रखिए, ये मंदिर करोड़ों देशवासियों की वर्षों की प्रार्थना से जीवंत हो रहा है। इसके लिए रामभक्तों ने तन-मन-प्राण लगाए हैं। आपके कोसने से ये रूकने वाला नहीं।

दिग्विजय को निमंत्रण न लेना है तो न लें
इधर, दिग्विजय सिंह के बयान पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि उन्हें जरूरत नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं। निमंत्रण देना काम है। 22 तारीख को भव्य आयोजन होना है। देश के पीएम नरेंद्र मोदी वहां मौजूद रहेंगे। पूरे हिंदुस्तान के लोग वहां पहुंच रहे हैं। अपार उत्साह है जनता में सब लोग जाएंगे और निमंत्रण भी दे रहे हैं घर-घर जाकर, उन्हें ना लेना है तो ना लें।

दिग्विजय सिंह ये उठाया सवाल
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इंदौर में एक कार्यक्रम में रामलाल की मूर्ति को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए नई मूर्तियां बनवाने की क्या जरूरत आ पड़ी। रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। सरकार को इस पर सवाल खड़ा करना चाहिए था। सिंह के इस सवाल के बाद ही एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है।

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