बिलकिस बानो गैंगरेप मामला:11 दोषियों ने किया सरेंडर - दा त्रिकाल

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Monday, January 22, 2024

बिलकिस बानो गैंगरेप मामला:11 दोषियों ने किया सरेंडर



बिलकिस बानो गैंगरेप मामले के 11 दोषियों ने 21 जनवरी देर रात गोधरा जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस से गैंगरेप के दोषियों को समय से पहले रिहा करने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने सभी दोषियों को दो हफ्ते के भीतर यानी 21 जनवरी तक सरेंडर करने के लिए कहा था।
सरेंडर करने वाले सभी 11 दोषी दो वाहनों में सवार होकर दाहोद जिले के सिंगवाड से गोधरा उप-जेल पहुंचे। दोषियों में राधेश्याम शाह, जसवंत नई, गोविंद नई, केसर वोहनिया, बाका वोहनिया, राजू सोनी, रमेश चंदना, शैलेश भट्ट, बिपिन जोशी, प्रदीप मोधिया और मितेश भट्ट शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को ट्रैक किया था। सरेंडर के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।

19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थी याचिका-
सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को बिलकिस बानो गैंगरेप मामले के 11 दोषियों के सरेंडर की अवधि बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि दोषियों ने सरेंडर के लिए समय बढ़ाने के जो कारण बताए, उनमें दम नहीं है। दोषियों में से किसी ने अपने बेटे की शादी, किसी ने पैर की सर्जरी, किसी ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने, किसी ने फसलों की कटाई का कारण बताकर सरेंडर की तारीख बढ़ाने की मांग की थी।

दोषियों के खिलाफ 30 नवंबर को दाखिल हुई याचिका-
बिलकिस के 11 दोषियों की रिहाई के खिलाफ 30 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की गई थीं। पहली याचिका में 11 दोषियों की रिहाई को चुनौती देते हुए उन्हें तुरंत वापस जेल भेजने की मांग की गई थी। दूसरी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के मई में दिए आदेश पर विचार करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा था कि दोषियों की रिहाई पर फैसला गुजरात सरकार करेगी। बिलकिस ने कहा कि जब केस का ट्रायल महाराष्ट्र में चला था, फिर गुजरात सरकार फैसला कैसे ले सकती है? केस के सभी 11 दोषी आजादी के अमृत महोत्सव के तहत रिहा कर दिए गए थे।

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