तलाकशुदा मुस्लिम महिलाएं पुनर्विवाह के बाद भी गुजारा भत्ता की हकदार - दा त्रिकाल

Breaking

World

Sunday, January 7, 2024

तलाकशुदा मुस्लिम महिलाएं पुनर्विवाह के बाद भी गुजारा भत्ता की हकदार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

तीन तलाक कानून खत्म होने के बाद से कोर्ट तलाकशुदा महिलाओं के पक्ष में कई अहम फैसले कर रही है। इसी बीच, बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है। दरअसल, कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि तलाकशुदा मुस्लिम महिला दोबारा शादी करने के बाद भी अपने पहले पति से गुजारा-भत्ता पाने की हकदार है। कोर्ट ने इस हक के लिए मुस्लिम वुमेन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन डाइवोर्स) एक्ट 1986 के प्रावधान को आधार बनाया है। कोर्ट ने केस से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद कहा कि मुस्लिम महिलाओं के हक को सुरक्षित करने के लिए एमडब्ल्यूपीए कानून लाया गया है। यह कानून दोबारा शादी के बाद भी मुस्लिम महिला के भरण-पोषण के अधिकार को सुरक्षित करता है। सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति राजेश पाटिल ने कहा कि धारा 3(1)(ए) के तहत ऐसी कोई शर्त नहीं है, जो मुस्लिम महिला को पुनर्विवाह के बाद भरण-पोषण पाने से वंचित करती हो।

-पति का पुनरीक्षण आवेदन खारिज
दरअसल, सऊदी अरब में काम करने वाले एक व्यक्ति की याचिका को खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने यह निर्णय दिया है। निचली अदालत में पति को एक बार ही मेंटेनेंस अलाउंस देने का आदेश दिया गया था। इसके बाद पीड़िता ने जेएमएफसी, चिपलून और सत्र न्यायालय, खेड, रत्नागिरी के आदेशों को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन व्यक्ति द्वारा दायर पुनरीक्षण आवेदन को खारिज कर दिया।

No comments:

Post a Comment