मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किये जाने से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई शुक्रवार को टल गई। जस्टिस शील नागू व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष शासन की ओर से बताया गया कि ओबीसी आरक्षण के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं पर सुनवाई फरवरी माह में निर्धारित है। उक्त जवाब के बाद न्यायालय ने आरक्षण संबंधी याचिकाओं पर अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की है।
गौरतलब है कि प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण किये जाने के खिलाफ व पक्ष में 91 याचिकाएं दायर की गयी थी। मुख्य याचिका के साथ लिंक की गयी याचिकाओं की सुनवाई युगलपीठ द्वारा सोमवार को संयुक्त रूप से की गई। याचिका में कहा गया था कि ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किये जाने से कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो जायेगा, जो सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक बैंच द्वारा पारित आदेश के विरुद्व होगा। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से उक्त जानकारी युगलपीठ के समक्ष पेश की गई। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त मामलों की सुनवाई फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में निर्धारित की है।

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