किसी ने राम, राघव तो किसी ने नंदिनी रखा नाम
लंबे इंतजार के बाद 22 जनवरी को अयोध्या राम जन्मभूमि स्थान पर रामलला विराजमान हो गए। इससे देशभर के हिंदुओं में खुशी का माहौल है। कई लोगों ने इस पल को यादगार बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए। ऐसे में उन लोगों की खुशियां और भी दोगुनी हो गई, जिनके घर में इसी दिन संतान ने जन्म लिया। लोग इसे नन्हे राम और नन्ही सिया के रूप में देख रहे हैं। दरअसल, कई लोगों ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए पहले से ही इस दिन डिलिवरी की तारीख ले रखी थी।
इन लोगों का मानना है कि इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के गुण होंगे। लिहाजा, माता-पिता बनने जा रहे कई दंपत्तियों ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन यानी 22 जनवरी को प्रसव कराने का चिकित्सकों से अनुरोध किया था। जबकि, उन्हें प्रसव की निर्धारित तारीख इस तारीख के पहले या बाद की बताई गई थी। लिहाजा, इस दिन बड़ी संख्या में दंपती माता-पिता बने।
47 बच्चों ने लिया जन्म
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन यानी 22 जनवरी 2024 को मध्य प्रदेश के तीन जिलों के विभिन्न अस्पतालों में कम से कम 54 बच्चों को जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि इंदौर के तीन अस्पतालों में 33 बच्चों का जन्म हुआ। वहीं, जबलपुर में 7, दमोह में 13 और भोपाल में एक बच्चे का जन्म हुआ। इंदौर के सरकारी पीसी सेठी अस्पताल के डॉ. वीरेंद्र राजगीर ने बताया कि अस्पताल में सोमवार को 18 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें नौ बच्चियां और इतने ही बच्चे शामिल हैं। राजगीर ने बताया कि 17 बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जबकि एक का सिजेरियन प्रक्रिया से हुआ। जबलपुर के लेडी एल्गिन अस्पताल में रात 12 बजे के बाद से सोमवार दोपहर तक 7 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें चार लड़के और तीन लड़कियां हैं। परिवारजनों ने इन बच्चों के नाम भगवान राम-सीता पर रखे है। लेडी एल्गिन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. नीता पराशर ने बताया कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन बच्चों के जन्म लेने पर सभी के परिवार खुश है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए परिजन अपने बच्चों का नाम भगवान राम-सीता के नाम पर रख रहें है।
अभी पूरे राज्य का आंकड़ा नहीं हुआ जारी-
डॉ. मनीषा जैन ने बताया कि राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में सिजेरियन प्रक्रिया से एक बच्चे का जन्म हुआ। रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) डॉ. विशाल शुक्ला ने कहा कि दमोह जिले में दिन में सात लड़कों और छह लड़कियों का जन्म हुआ। धनकुंवर नाम की महिला ने कहा कि शुभ दिन जन्म लेने के कारण मैंने अपने बेटे का नाम राम रखा है। एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में सोमवार को जन्मे बच्चों की कुल संख्या का विवरण जुटाने में समय लगेगा। अयोध्या के राम मंदिर में दोपहर साढ़े बारह बजे रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई।


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