जबलपुर कलेक्टर की साफगोई: सिस्टम में बैठे हैं धान खरीदी के सौदागर - दा त्रिकाल

Breaking

World

Sunday, January 7, 2024

जबलपुर कलेक्टर की साफगोई: सिस्टम में बैठे हैं धान खरीदी के सौदागर




किसानों से की सीधी बात,बाले, अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसान नहीं भुगतेंगे, किसान का दाना-दाना खरीदा जाएगा

नए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बेहद साफगोई के साथ स्वीकार किया कि पूरा धान घोटाला सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की देन है,जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा किसी भी हाल में किसानों को नहीं भुगतने दिया जाएगा। कलेक्टर ने ये बात तब कही, जब वे शनिवार को भारतीय किसान संघ के आंदोलन कर रहे जत्थे से बात कर रहे थे। कलेक्टर ने किसानों के साथ लंबी बात की और उनके दर्द को समझा।


-अब कैसे होगी खरीदी
परेशानियों से जूझ रहे किसानों को राहत देते हुये कलेक्टर ने कहा कि अब ब्लैक लिस्टेड वेयरहाउस को पूरी धान खरीदी जाएगी, जो वास्तविक किसानों की है। इन वेयरहाउस के बाहर जो धान गीली हो रही है,उसे सुखाकर खरीदा जाएगा। हर वेयरहाउस के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की गयी है,जो पूरी प्रक्रिया पर सीधी नजर रखेंगे और ये भी पता लगाएंगे कि वेयरहाउस में अवैध रूप से भंडारित धान गोदामों तक पहुंची कैसे। कलेक्टर ने कहा कि इस मामले में सीधे भोपाल से मॉनीटरिंग की जा रही है। कलेक्टर ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी प्रत्येक समस्या का हल निकाला जाएगा।

-देर से ही पर गाज गिरेगी
सूत्रों ने बताया कि धान खरीदी से जुड़ा अमला जो अभी तक खुद को सुरक्षित समझ रहा है, उस पर गाज गिरनी तय है। फिलहाल पूरा फोकस धान खरीदी को फिर से पटरी पर लाने पर है। इसके बाद कार्रवाई होगी और एफआईआर की जाएगी। उल्लेखनीय है कि धान खरीदी में अभी तक सात सस्पेंशन हो चुके हैं।

-अगली खरीदी का प्लान
कलेक्टर श्री सक्सेना ने किसानों से कहा कि अगली खरीदी के लिए ऐसी योजना तैयार की जा रही है,जिससे खरीदी बेहद सरल हो जाएगी और वक्त भी बहुत कम लगेगा। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में कुछ परिवर्तन करने जरूरी हो गये हैं,क्योंकि इनका फायदा किसानों से ज्यादा और लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खरीदी के दौरान वेयरहाउस और वेयरहाउस का अमला किस तरह से गड़बड़ियां करता है और उन्हें कैसे रोका जा सकता है, उस पर फोकस किया जाएगा।

-बारिश ने किया दर्द में इजाफा
घपलों-घोटालों से बुरी तरह आजिज किसानों को बारिश ने और रुला दिया। कई खरीदी केंद्रों में घुटनों तक पानी भर गया,जिसे पंप की मदद से निकाला गया। अब कब मौसम खुलेगा, कब धान सूखेगी और कब तक किसानों को राहत की भीख मांगनी पड़ेगी, ये अभी तक तय नहीं है। खुले में रखी हजारों क्विंटल धान खराब हो गई। धान खराब होने के कारण किसानों में अब खासा आक्रोश है। धान खराब होने के बाद अब किसानों ने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उल्लेखनीय है कि वास्तविक किसानों ने वेयर हाउस तक अपनी धान पहुंचाई तभी उन वेयर हाउस को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। जिसके कारण खरीदी नहीं हो पाई। जबलपुर जिले में 120 से अधिक खरीदी केंद्र बनाए गए है। और सभी जगह इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।

किसानों की मुश्किलें आसान करो:कलेक्टर
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने उपार्जन व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों की बैठक लेकर उन 36 वेयर हाउस पर रखी किसानों की धान खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये जिन्हें खरीदी केन्द्र नहीं बनाया गया, लेकिन किसानों द्वारा वहां अपनी धान ले जाकर रख दी गई है। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि ऐसे स्थानों पर केवल वास्तविक किसानों की और एफएक्यू धान ही खरीदी जाये। इसके लिए उन्होंने किसानों के पंजीयन की जांच करने तथा फर्जी सिकमीनामे के आधार पर व्यापारियों या बिचौलियों द्वारा कराये गये पंजीयन को निरस्त करने के निर्देश दिये। राजस्व अधिकारियों से कहा कि वे ऐसे किसानों से निरंतर संपर्क में रहें । उन्होंने स्पष्ट किया कि उन गोदाम संचालकों को किसानों के धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी जिन्होंने खरीदी केन्द्र स्वीकृत नहीं होने के वाबजूद जिनके भरोसे पर किसानों ने अपनी उपज वहां लाकर रखी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित वेयर हाउस संचालकों पर कार्यवाही की जायेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज होगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, अपर कलेक्टर श्री नाथूराम गोड एवं उपार्जन से जुड़े सभी अधिकारी तथा भोपाल से आई टीम के सदस्य भी मौजूद थे।

No comments:

Post a Comment