स्टायपेंड न मिलने से जूडॉ खफा, पत्र लिखकर दी चेतावनी
जबलपुर।प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में स्टूडेंट्स को वक्त पर स्टायपेंड दिया जा रहा है,लेकिन केवल जबलपुर के छात्रों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस बात से आक्रोशित जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल की चेतावनी दी है।
जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे पीजी चिकित्सकों को बीते 4 माह से स्नातकोत्तर छात्रों को वजीफा (स्टायपेंड) नहीं मिला है। जिसके चलते नाराज पीजी डॉक्टर अब जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल पर जाने की तैयारी शुरु कर दी है। पीजी चिकित्सकों ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर स्टायपेंड के भुगतान में देरी की समस्या से अवगत कराया था और शीघ्र ही मामले को लेकर कार्रवाई करने का निवेदन भी किया था। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जूडॉ के मुताबिक 9 और 10 जनवरी को रूटीन ड्यूटी और ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे। वहीं 11 जनवरी से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की बात कही गयी है।
-छात्रों की मजबूरी क्या है
गुरूवार को भी जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने कॉलेज की डीन डॉक्टर गीता गुईन को पत्र लिखकर अपनी समस्या से अवगत कराया था। साथ ही हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। जूडा पदाधिकारियों के अनुसार अगर स्टायपेंड का भुगतान नहीं किया जाता, तो 9 और 10 जनवरी को रूटीन ड्यूटी और ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे, वहीं 11 जनवरी से आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
जूडॉ एसो. प्रेसीडेंट डॉ. चंद्रबाबू रजक ने बताया कि बीते 1 वर्ष से पीजी चिकित्सकों के स्टायपेंड का भुगतान देरी से किया जा रहा था। अब प्रथम वर्ष के पीजी छात्रों को बीते 4 माह से भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा द्वितीय और तृतीय वर्ष के पीजी छात्रों को 2 माह से भुगतान अटका है।
जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे पीजी चिकित्सकों को बीते 4 माह से स्नातकोत्तर छात्रों को वजीफा (स्टायपेंड) नहीं मिला है। जिसके चलते नाराज पीजी डॉक्टर अब जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल पर जाने की तैयारी शुरु कर दी है। पीजी चिकित्सकों ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर स्टायपेंड के भुगतान में देरी की समस्या से अवगत कराया था और शीघ्र ही मामले को लेकर कार्रवाई करने का निवेदन भी किया था। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जूडॉ के मुताबिक 9 और 10 जनवरी को रूटीन ड्यूटी और ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे। वहीं 11 जनवरी से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की बात कही गयी है।
-छात्रों की मजबूरी क्या है
गुरूवार को भी जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने कॉलेज की डीन डॉक्टर गीता गुईन को पत्र लिखकर अपनी समस्या से अवगत कराया था। साथ ही हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। जूडा पदाधिकारियों के अनुसार अगर स्टायपेंड का भुगतान नहीं किया जाता, तो 9 और 10 जनवरी को रूटीन ड्यूटी और ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे, वहीं 11 जनवरी से आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
जूडॉ एसो. प्रेसीडेंट डॉ. चंद्रबाबू रजक ने बताया कि बीते 1 वर्ष से पीजी चिकित्सकों के स्टायपेंड का भुगतान देरी से किया जा रहा था। अब प्रथम वर्ष के पीजी छात्रों को बीते 4 माह से भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा द्वितीय और तृतीय वर्ष के पीजी छात्रों को 2 माह से भुगतान अटका है।

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