तेजस्वी के 17 साल बनाम 17 माह के बयान के बाद सीएम नीतीश ने दी तीखी प्रतिक्रिया
बिहार में नई एनडीए सरकार बनने के बाद उठा सियासी तूफान जारी है। तेजस्वी यादव के 17 साल बनाम 17 माह के बयान को राजद ने मुद्दा बना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के करीबी और राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि तेजस्वी यादव 17 महीना उपमुख्यमंत्री रहे और चार लाख से अधिक नौकरियां दी। 17 वर्ष बनाम 17 महीने यह आप सब जानते हैं। बिहार का युवा चाहे किसी भी जाति का हो चाहे वह किसी भी धर्म का हो आज उसमें हताशा का माहौल है। पटना में सीएम नीतीश कुमार ने इस सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी।मीडिया से सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आप भूल गए कि 2005 से पहले कितने लोगों को रोजगार मिला था। आप भूल गए 2005 से पहले क्या हाल था। 2005 से पहले के हालात को आपलोग भूल गए? इनलोगों का राज जब था तो क्या होता था? शाम के वक्त घर से कोई निकलता था? पहले यहां कोई विकास कार्य नहीं होता था जब हम आए तभी अच्छे और बड़े भवनों का निर्माण कार्य शुरू करवाया। लोगों को इलाज के लिए सारी व्यवस्थाएं की गईं। अच्छी सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कार्य शुरू हुआ। जब हम सांसद थे और केंद्र में मंत्री थे तब 12-12 घंटे अपने इलाके में घूमते थे लेकिन सड़कें खराब रहने के कारण पैदल चलना पड़ता था लेकिन अब यह स्थिति नहीं है। अब लोग गाड़ियों पर बैठकर सुविधापूर्वक आवागमन कर रहे हैं। हमलोगों ने गांवों में पक्की गली और नाली का निर्माण करवाया। सब काम मेरा करवाया हुआ है। कुछ लोगों को केवल पब्लिसिटी चाहिए। पहले कहीं कोई बहाली होती थी।
सबसे पहले युवाओं को नौकरी देंगे-
इधर, राजद सांसद मनोज झा ने कहा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2022 में यह कहा कि हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर मैं बहुत परेशान हूं। इसके जवाब में तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी एक शर्त है और शर्त यह है कि हमारी प्राथमिकता सबसे पहले युवाओं को नौकरी देने की है। उस समय नीतीश कुमार को प्रोटेक्ट किया गया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले बिहार के युवाओं को नौकरी और रोजगार देनी होगी। बिहार की चर्चा पूरे देश में किसी अन्य कारणों से होती थी यह सब जानते हैं। लेकिन, पहली बार बिहार में चर्चा तब हुई जब लाखों लोगों को बिहार में नौकरियां दी गई और इसका श्रेय जाता है तेजस्वी यादव को। तेजस्वी यादव का यह कमिटमेंट था। बिहार के हर गांव के व्यक्ति को नौकरी मिली है। साथ ही यह भी कहा कि लगभग ढाई लाख नौकरियों की प्रोसेस तेजस्वी यादव कर चुके हैं लेकिन उसे जानबूझकर कैबिनेट में पास नहीं किया जा रहा है। इसलिए मैं नीतीश कुमार से कहना चाहता हूं कि राजनीति के कारण उन नियुक्तियों को रोका न जाए। वहीं जातीय गणना को लेकर मनोज झा ने कहा कि तेजस्वी यादव ने ही आगे बढ़कर जनजातीय जनगणना करवाया था। इससे पहले जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने जातीय गणना क्यों नहीं करवाई। विधान मंडल में सबसे पहले आवाज तेजस्वी यादव ने ही आवाज उठाई थी।

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