पूर्व विधायक रामबाई को तीन माह की सजा - दा त्रिकाल

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Thursday, February 1, 2024

पूर्व विधायक रामबाई को तीन माह की सजा

दमोह के तत्कालीन कलेक्टर से अभद्रता का मामला, एमपी एमएलए कोर्ट का फैसला

सागर संभाग के दमोह जिले की पथरिया से बहुजन समाज पार्टी की पूर्व विधायक रामबाई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें तत्कालीन दमोह कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य से कलेक्टोरेट कार्यालय में चैंबर के बाहर कलेक्टर को बुलाकर, भीड़ और अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हंगामा किया था। 16 महीने पुराने एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दो मामलों में तीन-तीन माह की सजा सुनाई हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2022 को दमोह के तत्कालीन कलेक्टर को अभद्रता करते हुए ढोर, बेवकूफ आदमी, आंखें फूट गईं क्या तेरी... जैसे शब्दों का प्रयोग कर सार्वजनिक रूप से बेज्जती की थी। मामले में तत्कालीन कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

दरअसल, 30 सितंबर 2022 को कुछ महिलाओं की समस्याओं को लेकर वे कलेक्टर के पास पहुंचीं। सार्वजनिक रूप से हंगामा करते हुए चिल्ला-चिल्लाकर डीएम से बोलीं थीं कि क्या आंखें फूट गई हैं, ढोर, बेवकूफ आदमी सहित अन्य अपशब्द बोले थे। कलेक्टर चैतन्य ने उन्हें मैडम-मैडम कहकर काफी समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वे नहीं मानी थीं। बाद में कलेक्टर की शिकायत पर दमोह थाने में पूर्व विधायक रामबाई परिहार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसी प्रकार दमोह में ही बिजली कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों से सरेआम अभद्रता करते हुए खूब हंगामा किया था। जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए बिजली अधिकारियों को बेइज्जत किया था, जिसके बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। दोनों ही मामलों को पुलिस ने जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रस्तुत किया था।

वीडियो फुटेज और गवाही के आधार पर सजा-
दोनों ही मामलों में मौके पर लोगों ने खूब वीडियो फुटेज बनाए थे। विधायक रामबाई के समर्थकों और मीडिया ने इन्हें खूब वायरल भी किया था। हंगामे और अभद्रता के मूल फुटेज और गवाहों की गवाही को कोर्ट ने अहम माना और रामबाई को दोनों ही मामलों में तीन-तीन माह की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने विधायक के आचरण को गलत माना-
जिला अभियोजन अधिकारी अजय जैन ने बताया कि जबलपुर एमपी-एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश विश्वेश्वरी मिश्रा ने वीडिया फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही को संज्ञान में लेते हुए पूर्व विधायक जो घटना के समय चुनी हुई विधायक थीं, उनके आचरण को अकल्पनीय और गलत माना। न्यायाधीश ने कहा कि एक चुने हुए विधायक व जनप्रतिनिधि से अच्छे व्यवहार की उम्मीद की जाती है, लेकिन उन्होंने जिस तरह का आचरण किया है,वह सही नहीं है। इसलिए उन्हें सजा सुनाई जा रही है।

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