सर्वाइकल कैंसर से थी पीड़ित
बॉलीवुड इंडस्ट्री में ग्लैमर और बोल्डनेस का तड़का लगाने वाली पूनम पांडे का निधन हो गया है। उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से इस बात की जानकारी दी गई है। उन्हें सर्वाइकल कैंसर था। पूनम पांडे के निधन से सभी को गहरा सदमा लगा है। उनके निधन के बाद इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अभिनेत्री के मैनेजर ने इस बात की जानकारी दी है। मैनेजर ने खुलासा किया कि 1 फरवरी की रात को सर्वाइकल कैंसर से जंग के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है।पूनम पांडे अपनी तस्वीरों और वीडियो को लेकर हमेशा सोशल मीडिया पर छाई रहती थी। सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। पूनम सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थीं। इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्होंने बेहद स्ट्रगल किया था।
कंगना रणौत के शो लॉकअप में बतौर कंटेस्टटेंट बनकर हिस्सा लेने वालीं पूनम पांडे ने अपनी लाइफ को लेकर तमाम खुलासे किए थे। पूनम की शादी हो चुकी थी। अभिनेत्री घरेलू हिंसा का शिकार हो चुकी थीं। लॉकअप में उन्होंने बताया था कि सैम बॉम्बे के साथ उन्होंने मुंबई में गुपचुप तरीके से शादी की थी। उनकी शादी ज्यादा दिन तक नहीं चली। उन्होंने पुलिस में शिकायत की थी कि उनके पति उन्हें बुरी तरह से मारते पीटते थे।
कानपुर की पूनम ने मॉडलिंग से की शुरूआत-
कानपुर में 11 मार्च 1991 को जन्मीं पूनम पांडे ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। साल 2011 में कैलेंडर गर्ल्स के रूप में उन्हें पहचान मिली थी। मॉडलिंग के दिनों में फैशन मैगजीन के कवर पेज पर भी नजर आई थीं। साल 2013 में पूनम पांडे ने फिल्म 'नशा' से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। इन सबके बादजूद भी विवादों से अभिनेत्री का गहरा नाता रहा है। पूनम पांडे का नाम आते ही उनकी बोल्डनेस और विवादों की श्रृंखला याद आ जाती है।
विवादों से जुड़ी रहीं-
पूनम पांडे के विवादों की बात करें तो, साल 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैच में भारतीय टीम जब सारे मैच जीत रही थी तो पूनम ने एलान किया था कि अगर टीम ने वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया तो वह बिना कपड़ों के नजर आएंगी। अपने इस बयान से वह खूब चर्चे में आ गई थीं। इसके अलावा एक बार सनी लियोनी से खुद की तुलना करने को लेकर भी वह भड़क गई थीं। इसके अलावा पूनम उस वक्त भी सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने अपना बाथरूम डांस वीडियो यूट्यूब पर रिलीज कर दिया था। इस वीडियो में वह बाथरूम में डांस करती हुई नजर आ रही थीं। इस वीडियो के बाद पूनम काफी विवादों में फंस गई थीं और इसके चलते यूट्यूब ने उनका वीडियो ब्लॉक भी कर दिया था। पूनम पांडे आखिरी बार कंगना के शो लॉकअप में नजर आई थीं। इस दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे किए थे।
क्या है सर्वाइकल कैंसर-
सर्वाइकल कैंसर, सर्विक्स में होने वाला गंभीर प्रकार का कैंसर माना जाता है। सर्विक्स गर्भाशय का सबसे निचला भाग होता है, जो योनि से जुड़ता है। सर्वाइकल कैंसर के अधिकतर मामले ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के संक्रमण के कारण होते हैं। एचपीवी एक आम वायरस है, जो संभोग के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा के अस्तर में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि है। गर्भाशय ग्रीवा महिला प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है और गर्भ के निचले हिस्से में स्थित है, जो गर्भ से योनि तक खुलती है। इस कैंसर को बच्चेदानी के कैंसर के नाम से भी जाना जाता है।
कैसे पता चलता है-
डॉक्टर आमतौर पर इमेजिंग परिक्षण या बायोप्सी करके लिम्फ नोड्स में फैलाव की जांच भी करते हैं। यह जानना कि क्या कैंसर लिम्फ नोड्स में फैल गया है और कितने लिम्फ नोड्स शामिल हैं, डॉक्टरों को व्यक्ति के परिणाम का पूर्वानुमान करने और उपचार की योजना बनाने में मदद मिलती है।
सर्वाइकल कितना खतरनाक है-
स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के मुताबिक सर्वाइकल कैंसर एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के कारण होता है। एचपीवी शरीर में प्रवेश करके गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से में संक्रमण करता है और बिना कोई लक्षण प्रकट किए यह बढ़ता जाता है और कैंसर का रूप ले लेता है। हालांकि 70 फीसदी महिलाओं में यह 30 साल की उम्र तक डायग्नोस हो जाता है।
क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर-
सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से हाई रिस्क ह्यूमन पैपिलोमा वायरस समूह टाइप्स के इन्फेक्शन की वजह से होता है और शारीरिक संपर्क के बाद एक दूसरे में ट्रांसमिट होता है।
क्या होते हैं लक्षण?
डॉक्टर्स के मुताबिक सर्वाइकल कैंसर का पता हेल्थ एक्सपर्ट स्क्रीनिंग से ही लगा सकते हैं। इसका कोई प्रकट लक्षण नहीं दिखाई देता। यही वजह है कि यह सालों-साल छुपा रहता है और भारत में खासकर तीसरी या चौथी स्टेज पर जाकर महिलाओं में यह डिटेक्ट हो पाता है। तब तक काफी देर हो चुकी होती है और अधिकांश महिलाएं जान गंवा देती हैं।
ऐसे बच सकती है जान-
डॉक्टर्स बताते हैं कि यह कैंसर 100 फीसदी प्रिवेंटेवल है। हालांकि इससे बचाव का उपाय भी सिर्फ वैक्सीन ही है जो कि छोटी बच्चियों और बच्चों को इसके इन्फेक्शन फेज से पहले ही लगवा देनी चाहिए। भारत में बनी सर्वाइकल कैंसर की सीरम इंस्टीट्यूट की सर्वावैक वैक्सीन 98 फीसदी कारगर है, लेकिन इसके लिए बेहद जरूरी है कि इसे फिजिकल इंटरकोर्स या शारीरिक संबंध बनाने से पहले लगा देना चाहिए। लड़कियों में इसे 9 से 14 साल की उम्र तक लगा देना बेस्ट है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इसके बाद टीका नहीं लगवाया जा सकता। 46 साल की उम्र तक यह टीका लगवा सकते हैं और यह निश्चित रूप से बचाव करेगा।

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