पिछले साल ही हो गई लोकपाल की नियुक्ति - दा त्रिकाल

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Wednesday, February 7, 2024

पिछले साल ही हो गई लोकपाल की नियुक्ति

जबलपुर की रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय का दावा

रानी दुर्गावती विवि के अधिकारियों का कहना है कि विवि द्वारा वर्ष 2023 में ही लोकपाल की नियुक्ति कर दी गयी थी। विवि अनुदान आयोग यानी यूजीसी द्वारा विवि को डिफाल्टर सूची में डालना गलत है। आयोग को तथ्यों से अवगत कराया जा रहा है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालयों में लोकपाल की नियुक्ति न किये जाने पर विश्विद्यालय अनुदान आयोग कड़ा रुख अपनाते हुये रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। यूजीसी ने कहा कि समय-सीमा में विश्वविद्यालय में लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गयी। लोकपाल की नियुक्ति न करने में 18 विश्वविद्यालयों का नाम आया है।

-ये है विवि का पक्ष
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलसचिव दीपेश मिश्रा ने बताया कि रानी दुर्गावती विवि को डिफाल्टर घोषित करने की बात की जा रही है, वह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने बताया की रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 10 अक्टूबर 2023 को ही लोकपाल की नियुक्ति कर दी थी और जिसकी सूचना उन्होंने अपने उच्च शिक्षा विभाग को भी भेज दी थी। यूजीसी ने विश्वविद्यालय को लोकपाल नियुक्ति करने के आदेश के साथ ही यह भी बताया है कि जिन विश्वविद्यालयों ने अपने-अपने यहां पर लोकपाल की नियुक्ति कर ली है इस बात की सूचना वह मेल द्वारा उन्हें भी यूजीसी को भेजें।

-किसे बनाया था लोकपाल
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने विवि कार्य परिषद की 5 अक्टूबर की बैठक में विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर जेएम केलर को नियुक्त किया था। चुनाव के कारण उन्होंने जिम्मेदारी नहीं संभाली थी। अब लोकपाल की हैसियत से विश्वविद्यालय में प्रोफेसर केलर जल्द ही जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से जुड़ी सारी समस्याओं का निराकरण बेहतर ढंग से किया जाएगा।

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