संदेशखाली मामला: महिलाओं पर अत्याचार कर रही ममता - दा त्रिकाल

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Wednesday, February 21, 2024

संदेशखाली मामला: महिलाओं पर अत्याचार कर रही ममता

जबलपुर प्रवास के दौरान राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार ने साधा निशाना

बंगाल के संदेशखाली मामले को लेकर राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार का कहना है कि यह बहुत विषम परिस्थिति है। मैं खुद इस कमेटी में सदस्य रही हूं। हम संदेश खाली गए थे लेकिन हमें वहां घुसने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों ने महिलाओं ने वीडियो कॉल कर अपनी आपबीती सुनाई। वीडियो में महिलाएं चीखती चिल्लाती दिखाई दे रहीं हैं।
  

राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार ने कहा कि पूरे मामले को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखा गया है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के उत्थान के लिए लाभकारी योजनाएं चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिलाओं पर अत्याचार कर रही हैं।

एनआईए की शुरूआती जांच शुरू-
संदेशखाली केस में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की शुरुआती जांच शुरू हो चुकी है। सूत्रों की ओर से 20 फरवरी को बताया गया कि जल्द इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसी मामले के आरोपी शाहजहां शेख की तलाश में जुटी है। इस बीच बीजेपी के शुभेन्दु अधिकारी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेशखाली में जाने की इजाजत दे दी। इससे पहले उन्हें पुलिस ने जाने से रोक दिया था, जिसके बाद वह धरने पर बैठ गए थे। संदेशखाली जाने से पहले उन्होंने कहा था कि, उन्हें जाने से रोका जाएगा पर हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद वे लोग वहां जा रहे हैं। जबकि वृंदा करात का कहना है कि टीएमसी गुंडागर्दी कर रही है। ममता सरकार ने मामले की कोई जांच नहीं कराई है और वे लोग घटना को लेकर साजिश रच रहे हैं।

महिला आयोग अध्यक्ष ने पुलिस पर उठाए सवाल-
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि पुलिस के काम में कोताही हो रही है। मैं डीजी से मिलने जा रही हूं, मैंने पुलिस के काम में जो कोताही पाई, महिलाओं के प्रति सहयोग का जो अभाव पाया उसपर मैं उनसे बात करूंगी। रेखा शर्मा ने पहले भी पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस सही से भूमिका नहीं निभा रही है। मैं जब गलियों में घूम रही थी तब एसपी साहब कुर्सी पर बैठे थे। वह समझना नहीं चाहते।

क्या हुआ है संदेशखाली में-
पश्चिम बंगाल के 24 पगरना जिले के संदेशखाली इलाके में 9 फरवरी से काफी बवाल हो रहा है। दरअसल, यह इलाका टीएमसी के नेता शाहजहां शेख के दबदबे वाला है। शाहजहां शेख राशन घोटाले में 5 जनवरी को ईडी की छापेमारी के दौरान टीम पर हुए हमले के बाद से फरार है। उसके फरार होने के बाद 8 फरवरी से स्थानीय महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शाहजहां शेख और उसके लोग महिलाओं का यौन शोषण भी करते थे। 9 फरवरी को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां समर्थक हाजरा के तीन पोल्ट्री फार्मों को जला दिया। महिलाओं का दावा था कि वे स्थानीय ग्रामीणों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे।

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