रादुविवि का मामला,ढाई सौ छात्रों को राहत,विशेष परीक्षा ली जायेगी
जबलपुर।रानी दुर्गावती विवि ने अंतत: उन ढाई सैकड़ा विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए योग्य करार दिया है, जो सिस्टम की गलती के कारण फेल हो गए थे और परेशान थे। विवि के इस फैसले से ये साबित हो गया कि कहीं न कहीं विद्यार्थी प्रक्रिया का शिकार हो गए हैं। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के ऐसे 250 छात्र, जो परीक्षा में एटीकेटी नहीं दे पाए थे, उनके लिए विशेष परीक्षा होगी। परीक्षा के लिए बिना विलंब शुल्क के 3 फरवरी तक व विलंब शुल्क के साथ 5 फरवरी तक आवेदन कर सकेंगे।
-एजेंसी ने की थी भूल
वर्ष 2021 में नई शिक्षा नीति के पहले बैच की परीक्षा हुई। इसमें स्नातक प्रथम वर्ष के बीए, बीकॉम, बीएससी सभी पाठ्यक्रम के नतीजे सितंबर 2022 में जारी हुए थे। परिणाम जिस एजेंसी से तैयार करवाए गए थे उसने नई शिक्षा नीति का पालन नहीं किया। जिससे रिजल्ट को संशोधित हुआ और 26 नवंबर 2022 को दोबारा जारी किया गया। संशोधित रिजल्ट में कई छात्र फेल हो गए या उन्हें सप्लीमेंट्री आ गयी। जो छात्र पास हुए थे उन्होंने संशोधित रिजल्ट को अनदेखा किया और अपनी पढ़ाई जारी रखी। ऐसे करीब ढाई सौ छात्र थे जो आगामी कक्षा में प्रवेश लेकर पढ़ाई करते रहे। अब तीसरे वर्ष का परीक्षा आवेदन भरने का जब समय आया तो पूरक पाने वाले छात्रों को आवेदन नहीं भरने मिल रहा है। ऐसे छात्र विश्वविद्यालय में दावा कर रहे हैं कि उन्होंने पहले परिणाम के आधार पर ही आगामी कक्षा में प्रवेश लिया। विद्यार्थियों को संशोधित परिणाम की सूचना नहीं थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि सभी कॉलेजों को इस संबंध में सूचना दी गई थी। ऐसे सभी विद्यार्थियों के दूसरे वर्ष का परीक्षा परिणाम भी प्रशासन ने जारी नहीं किया है। छात्रों की माँग पर प्रशासन ने एक कमेटी बनाई और उसे उनके सामने प्रकरण रखा था। कमेटी ने इस मामले में तकनीकी त्रुटि मानकर छात्र हित में एक अवसर देने पर सहमति दी है। जिसके बाद यह मामला बोर्ड ऑफ स्टडीज में रखा गया। वहाँ से इसे मंजूरी मिली। जिसके बाद परीक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया और ऐसे छात्रों के लिए परीक्षा कराई जा रही है।
-एजेंसी ने की थी भूल
वर्ष 2021 में नई शिक्षा नीति के पहले बैच की परीक्षा हुई। इसमें स्नातक प्रथम वर्ष के बीए, बीकॉम, बीएससी सभी पाठ्यक्रम के नतीजे सितंबर 2022 में जारी हुए थे। परिणाम जिस एजेंसी से तैयार करवाए गए थे उसने नई शिक्षा नीति का पालन नहीं किया। जिससे रिजल्ट को संशोधित हुआ और 26 नवंबर 2022 को दोबारा जारी किया गया। संशोधित रिजल्ट में कई छात्र फेल हो गए या उन्हें सप्लीमेंट्री आ गयी। जो छात्र पास हुए थे उन्होंने संशोधित रिजल्ट को अनदेखा किया और अपनी पढ़ाई जारी रखी। ऐसे करीब ढाई सौ छात्र थे जो आगामी कक्षा में प्रवेश लेकर पढ़ाई करते रहे। अब तीसरे वर्ष का परीक्षा आवेदन भरने का जब समय आया तो पूरक पाने वाले छात्रों को आवेदन नहीं भरने मिल रहा है। ऐसे छात्र विश्वविद्यालय में दावा कर रहे हैं कि उन्होंने पहले परिणाम के आधार पर ही आगामी कक्षा में प्रवेश लिया। विद्यार्थियों को संशोधित परिणाम की सूचना नहीं थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि सभी कॉलेजों को इस संबंध में सूचना दी गई थी। ऐसे सभी विद्यार्थियों के दूसरे वर्ष का परीक्षा परिणाम भी प्रशासन ने जारी नहीं किया है। छात्रों की माँग पर प्रशासन ने एक कमेटी बनाई और उसे उनके सामने प्रकरण रखा था। कमेटी ने इस मामले में तकनीकी त्रुटि मानकर छात्र हित में एक अवसर देने पर सहमति दी है। जिसके बाद यह मामला बोर्ड ऑफ स्टडीज में रखा गया। वहाँ से इसे मंजूरी मिली। जिसके बाद परीक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया और ऐसे छात्रों के लिए परीक्षा कराई जा रही है।

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