सियासी अटकलें शुरू, कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य ने दी सफाई
इन दिनों देश भर में कल्कि धाम चर्चाओं में बना हुआ है। बीते दिन आचार्य प्रमोद कृष्णम पीएम मोदी से कल्कि धाम को लेकर मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्हें कांग्रेस ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए पार्टी से निकाल दिया था। सोमवार 19 फरवरी को पीएम मोदी ने कल्कि धाम का शिलान्यास किया। जिसमें कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा भी पहुंचे। इस दौरान राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि मंदिर के लिए हमने कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी है और एक श्रद्धालु होने की वजह से यहां आया हूं।चर्चा में विवेक तन्खा-
कल्कि धाम में कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने मंदिर के लिए कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी है। एक श्रद्धालु होने के नाते यहां आया हूं। जब तन्खा से बीजेपी में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया तब उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि ये सब सिर्फ अटकले हैं। बता दें कि बीते दिनों से कमलनाथ के साथ तन्खा के भी भाजपा में शामिल होने के कायास लगाए जा रहे हैं। तन्खा को कमलनाथ के करीबियों में से माना जाता है। इसके अलावा तन्खा का नाम देश के बड़े वकीलों में शुमार किया जाता है। इससे पहले कांग्रेस से जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह अक्का 'अन्नूÓ और शशांक शेखर भी कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं। दोनों को ही राज्यसभा सदस्य का बेहद करीबी माना जाता है। ऐसे में तन्खा के कल्कि धाम जाने के बाद राजनीतिक जानकार अलग- अलग मतलब निकाल रहे हैं।
कल्कि धाम के बारे में जानें-
यूपी के संभल में कल्कि धाम है। सोमवार 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल्कि धाम का शिलान्यास किया। शिलान्यास के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित तमाम नेता मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि समय का चक्र बदल गया है और देश न केवल अपनी प्राचीन मूर्तियों को विदेशों से वापस ला रहा है बल्कि रिकॉर्ड विदेशी निवेश भी प्राप्त कर रहा है। इसके अलावा पीएम ने कहा कि एक तरफ हमारे तीर्थों का विकास हो रहा है। जबकि दूसरी तरफ हाईटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहे हैं।

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