एआईएमआईएम की पतंग की डोर बीजेपी के हाथ - दा त्रिकाल

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Friday, November 10, 2023

एआईएमआईएम की पतंग की डोर बीजेपी के हाथ

 

बुरहानपुर महापौर चुनाव में चंद वोटों से हारने वाली शहनाज अंसारी के पति इस्माइल अंसारी ने लगाए आरोप,

कांग्रेस पार्षद ने मुसलमानों को एमआईएम से सावधान रहने की दी सलाह


Written By- मतलूब अंसारी

जबलपुर।

ओवैसी की पार्टी बीजेपी की बी टीम है, एआईएमआईएम की पतंग की डोर बीजेपी के हाथ में ही है। इसलिए सतर्क रहें। इनका मकसद जीतना नहीं, बल्कि मुसलमानों के वोटों को बाँटना है। ये आरोप बुरहानपुर के कांग्रेस पार्षद और महज चंद वोटों से महापौर चुनाव हारने वाली कांग्रेस उम्मीदवार के पति इस्माइल अंसारी ने लगाए हैं।

जबलपुर प्रवास पर आए पार्षद इस्माइल अंसारी और एमआईएम के प्रत्याशी की वजह से मात्र 388 वोटों से महापौर चुनाव हारने वाली शहनाज अंसारी ने त्रिकाल मीडिया को दिए गए एक्सक्लुसिव इंटरव्यू में बताया कि बुरहानपुर में एमआईएम ने कांग्रेस की अच्छी पोजीशन देख बीजेपी से हाथ में मिलाया और अपना उम्मीदवार मैदान में उतार दिया। एमआईएम के उम्मीदवार ने चुनाव प्रचार के दौरान उन 26 वार्डों में ही फोकस किया जहां पर मुस्लिम वोटरों की तादाद ज्यादा थी और मुसलमानों के तकरीबन 10 हज़ार वोट अपनी झोली में कर लिए। जिससे बीजेपी कैंडिडेट को चुनाव में जीत हासिल हुई। पार्षद इस्माइल अंसारी ने बताया कि एमआईएम इसी मंशा के साथ जबलपुर की पूर्व विधानसभा में भी अपना प्रत्याशी उतारी है।

21 में से 7 वार्डों में ही फोकस क्यों-
सिर्फ मुस्लिम वोटो पर फोकस करने के सवाल पर पार्षद इस्माइल अंसारी ने बताया कि जो काम एमआईएम ने बुरहानपुर में किया वहीं जबलपुर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में दोहरा रही है। इस विधानसभा के 21 वार्डों में से 7 वार्ड जहां 80 हज़ार से ज्यादा मुस्लिम वोट है, एमआईएम का पूरा फोकस भी वहीं है। उन्होंने कहा कि आरक्षित विधानसभा में एमआईएम ने मजबूरी के तहत एक गैर मुस्लिम को टिकट दी है। इसलिए बहुत ज्यादा फर्क पड़ने की गुंजाइश नहीं है। अगर एमआईएम का उम्मीदवार मुस्लिम होता तो कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ता।

बहकावे में न आए, अकल लगाएं-
शहर के मुस्लिम इलाकों में पिछले तीन दिन से अलग-अलग जगहों पर नुक्कड़ सभाएं करने वाले बुरहानपुर के पार्षद एमआईएम को लेकर अपने कड़वे अनुभव साझा कर रहे हैं। कांग्रेस को समर्थन देने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि भाई को भाई से लड़ने वाली पार्टी आपका भला कैसे करेगी। इसलिए किसी के बहकावे में ना आएं और अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करने में समझदारी का सुबूत दें।

शुक्रवार के दिन मतदान-
17 नवंबर यानि शुक्रवार के दिन मतदान के सवाल पर कांग्रेस पार्षद इस्माइल अंसारी ने कहा कि शुक्रवार के दिन मतदान एक सोची समझी साजिश है। मुस्लिम इलाकों में मतदान प्रतिशत काम होगा तो कांग्रेस को ही नुकसान होगा। इसलिए बेहतर टाइम मैनेजमेंट का नमूना पेश करते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाना होगा।

एमआईएम की वजह से हारे चुनाव-


बुरहानपुर का महापौर चुनाव हारने वाली कांग्रेस उम्मीदवार शहनाज अंसारी ने त्रिकाल मीडिया को बताया कि मात्र 388 वोटों से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। ओवैसी की पार्टी एमआईएम ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और मुस्लिम वोटो का ध्रुवीकरण किया। उन्होंने बताया कि जबलपुर की पूर्व विधानसभा क्षेत्र में एमआईएम द्वारा उम्मीदवार खड़ा किए जाने की सूचना पर शहर आना हुआ, ताकि यहां अपने भाई बहनों को गलती करने से रोक सकें।

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