जबलपुर में सी विजल एप में 336 शिकायत दर्ज
निर्वाचन आयोग ने चुनाव में निष्पक्षता बनाने के लिए जनता की शिकायत एप के माध्यम से लेने की व्यवस्था बनाई है। आयोग ने इस एप का नाम सी विजल एप रखा है। जबलपुर में भी एप का उपयोग लोगों ने किया। लेकिन 18 लाख से ज्यादा वोटर वाले जिले में बमुश्किल 336 शिकायत ही दर्ज हुई। इन शिकायतों में अधिकांश झंडा-बैनर या पोस्टर गलत जगह पर लगाने की जानकारी दर्ज है। किसी एक शिकायत में प्रत्याशियों के द्वारा प्रलोभन का मामला सामने नहीं आया है। मतदान में पांच दिन शेष हैं। 17 नवंबर को मतदान वाले दिन तक लोगों की शिकायत बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि जिला निर्वाचन कार्यालय ने प्राप्त सभी शिकायतों का निराकरण कर लिया है।निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी में पता चला कि एप में अभी तक आठों विधानसभा में 336 शिकायत दर्ज हुई। इनमें 113 शिकायतों को ड्रॉप किया गया। क्योंकि उनकी विश्वसनियता सामने नहीं आ सकी। वहीं 219 शिकायतों का निराकरण आरओ,एआरओ के स्तर पर किया गया। इनमें से अधिकांश शिकायत में लोगों ने घरों या उनकी दीवारों पर, खंभे पर या किसी सरकारी भवन के आस पास चुनाव सामग्री लगाने की जानकारी दी है।फिलहाल चार शिकायतों का निराकरण होना बाकी है। जिनमें जांच की जा रही है।
इतनी मिली शिकायत-
सबसे ज्यादा केंट विधानसभा में 45 शिकायत दर्ज हुई। यह विधानसभा ज्यादा पढ़े लिखे वोटर वाली है। इसके बाद पूर्व विधानसभा में 29, उत्तर विधानसभा में 13, पश्चिम विधानसभा में 11,पनागर विधानसभा में 8, पाटन में 2,सिहोरा में एक और बरगी विधानसभा में 4 शिकायत दर्ज हुई है।
जबलपुर साक्षरता में टॉप-
जनगणना वर्ष 2011 के आंकड़ों में जबलपुर जिला प्रदेश में साक्षरता के मामले में नंबर वन पर आया था। यदि साक्षरता को सामने रखा जाए तो इसका मतलब कि लोगों को एप के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। जिला निर्वाचन कार्यालय ने शहर व र्ग्रामीण इलाकों में एप के बारे में पोस्टर बैनर भी सार्वजनिक स्थलों पर लगाए हैं। सोशल मीडिया से भी सी विजल एप के बारे में प्रचार प्रसार किया गया। बावजूद इसके एप पर शिकायतों की संख्या देखकर लगता है कि लोगों को जानकारी का अभाव है।

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