जबलपुर की 8 विधानसभा सीटों के पिछले रिजल्ट में नोटा, पोस्टल वोट के कारण 1 से 22 प्रतिशत तक के अंतर से हुआ था फैसला
जबलपुर जिले के लाखों मतदाताओं वाले विधानसभा क्षेत्रों में नोटा यानी नन ऑफ द अबव (इनमें से कोई नहीं) को कम करके आंकना जल्दीबाजी हो सकती है। साल 2018 के चुनाव में हार-जीत हुई थी 5 सौ 28 से और नोटा आए थे 11 सौ 77। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोटा और पोस्टल बैलेट की अहमियत बीते चुनाव में क्या थी और इस बार भी इनकी भूमिका घटी नहीं है। जानकारों का दावा है कि प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करने में इनकी हिस्सेदारी बड़ी होगी।
विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच हार-जीत का अंतर बहुत से गणित साफ कर देता है। जबलपुर में पिछले चुनाव में कोई प्रत्याशी एक प्रतिशत के अंतर से जीता तो कोई 22 प्रतिशत के अंतर से जीत कर आया था। इस बार बढ़े हुए मतदान प्रतिशत ने सबको बैचेन कर दिया है। कोई भी दावे के साथ नही कह पा रहा कि वो जीत का हकदार है। कई अन्य बिंदु भी जीत-हार के बड़े कारण बनते हैं,इनमें नोटा की बटन,कर्मचारी अधिकारी के पोस्टल वोट और निर्दलीय प्रत्याशियों के द्वारा काटे जाने वाले वोट शामिल हैं। पिछली बार चार विधायक कांग्रेस के चार भाजपा के थे। जिले की आठ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच ही चुनाव हुआ। सिर्फ एक सीट पनागर में त्रिकोणीय मुकाबला था। 1 प्रतिशत से22 प्रतिशत के अंतर से प्रत्याशी जीते या हारे।
विधानसभा-
पाटन- भाजपा वोट मिले 53.96
- कांग्रेस वोट मिले 39.61
बरगी विधानसभा
पूर्व विधानसभा
उत्तर विधानसभा
केंट विधानसभा
पश्चिम विधानसभा
पनागर विधानसभा
सिहोरा विधानसभा
लगते हैं मामूली, असर करें गंभीर
पिछले चुनाव में आठों विधानसभा में नोटा ,पोस्टल और निर्दलीय प्रत्याशी के चक्कर में वोट कटे थे। जिसका कई सीट पर असर देखने मिला।
पाटन विधानसभा
जीत भाजपा
बरगी विधानसभा
कुल प्रत्याशी 16
जीत कांग्रेस
पूर्व विधानसभा
कुल प्रत्याशी 13
जीत कांग्रेस
उत्तर विधानसभा
कुल प्रत्याशी 25
जीत कांग्रेस
केंट विधानसभा
कुल प्रत्याशी 15
जीत भाजपा
पश्चिम विधानसभा
कुल प्रत्याशी 15
जीत कांग्रेस
पनागर विधानसभा
कुल प्रत्याशी 15
जीत भाजपा
सिहोरा विधानसभा
कुल प्रत्याशी 8
जीत भाजपा
- भाजपा वोट मिले 50.13 प्रतिशत
- कांग्रेस वोट मिले 40.00 प्रतिशत
पूर्व विधानसभा
- भाजपा वोट मिले 57 प्रतिशत
- कांग्रेस वोट मिले 35 प्रतिशत
उत्तर विधानसभा
- भाजपा वोट मिले 35 प्रतिशत
- कांग्रेस वोट मिले 34 प्रतिशत
केंट विधानसभा
- भाजपा वोट मिले 56 प्रतिशत
- कांग्रेस वोट मिले 35 प्रतिशत
पश्चिम विधानसभा
- भाजपा वोट मिले 53 प्रतिशत
- कांग्रेस वोट मिले 41 प्रतिशत
पनागर विधानसभा
- भाजपा वोट मिले 46प्रतिशत
- कांग्रेस वोट मिले 22 प्रतिशत
- निर्दलीय वोट मिले 23 प्रतिशत
सिहोरा विधानसभा
- भाजपा वोट मिले 45प्रतिशत
- कांग्रेस वोट मिले 41प्रतिशत
लगते हैं मामूली, असर करें गंभीर
पिछले चुनाव में आठों विधानसभा में नोटा ,पोस्टल और निर्दलीय प्रत्याशी के चक्कर में वोट कटे थे। जिसका कई सीट पर असर देखने मिला।
पाटन विधानसभा
कुल 16 प्रत्याशी
- निर्दलीय 14
- नोटा 3174
जीत भाजपा
बरगी विधानसभा
कुल प्रत्याशी 16
- निर्दलीय 14
- नोटा 3041
जीत कांग्रेस
पूर्व विधानसभा
कुल प्रत्याशी 13
- निर्दलीय 11
- नोटा 2116
जीत कांग्रेस
उत्तर विधानसभा
कुल प्रत्याशी 25
- निर्दलीय 23
- नोटा 1177
जीत कांग्रेस
केंट विधानसभा
कुल प्रत्याशी 15
- निर्दलीय 13
- नोटा 2214
जीत भाजपा
पश्चिम विधानसभा
कुल प्रत्याशी 15
- निर्दलीय 13
- नोटा 2592
जीत कांग्रेस
पनागर विधानसभा
कुल प्रत्याशी 15
- निर्दलीय 13
- एक निर्दलीय 42569 वोट
- नोटा 1775
जीत भाजपा
सिहोरा विधानसभा
कुल प्रत्याशी 8
- निर्दलीय 6
- नोटा 4612
जीत भाजपा

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